सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाले वाहन दिल्ली परिवहन विभाग के साथ ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के साथ कैब के तौर पर पंजीकृत हो सकते हैं, जो दिल्ली-एनसीआर में लागू होगा।
जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने 10 मई, 2016 के आदेश को स्पष्ट किया, जिसे लेकर भ्रम था कि परिवहन विभाग सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाहनों को कैब के तौर पर पंजीकृत नहीं कर रहा है।
दिल्ली में ऑटो रिक्शा की संख्या पर लागू सीमा हटाने के पक्ष में सरकार
दिल्ली सरकार ने राजधानी में ऑटो रिक्शा को लेकर लागू अधिकतम सीमा हटाने के पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण के सुझाव का समर्थन किया है। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी।
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष सरकार ने बताया कि वह ईपीसीए की उस रिपोर्ट का समर्थन करती है, जिसमें दिल्ली में ऑटो की मौजूदा संख्या एक लाख को हटाया जा सकता है, बशर्ते वाहन बीएस-6 सीएनजी/ पेट्रोल/ एलपीजी या बैटरी से संचालित हों। परिवहन विभाग ने बताया कि वह इस मामले में 13 अगस्त को हलफनामा दायर करेगा।