सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल की उस याचिका को खारिज कर दिया है कि जिसमें उसने यह कहते हुए मुआवजे की गुहार की थी कि उसके वीडियो को गलत तरीके से सोशल मीडिया में प्रचारित किया गया।
मालूम हो कि वीडियो में सलीम पीके नामक इस कांस्टेबल को मेट्रो कोच में गिरते दिखाया था और आरोप लगाया गया था कि वह नशे की हालत में था। न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि किसी को इसके लिए दोषी ठहराया नहीं गया है और न ही मीडिया ने इसे गलत इरादे के साथ इसे प्रचारित किया है।
पीठ ने कहा कि हम इसमें क्या कर सकते हैं जब किसी ने कोई गलती नहीं की है। पीठ ने कहा कि इस मामले में किसी मूल अधिकार का हनन नहीं हुआ है।