बॉलीवुड में मेकअप आर्टिस्ट और हेयरड्रेसर बनने का सपना संजोने वाली महिलाओं को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से खुशखबरी की सौगात मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म जगत में महिलाओं को मेकअप आर्टिस्ट बनने से वंचित रखने वाले 59 साल पुराने दो प्रावधानों को खत्म कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि ये प्रावधान महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने कहा कि 21वीं सदी में महिलाओं का उत्पीड़न समझ से बाहर और अस्वीकार्य है।
साथ ही पीठ ने उस प्रावधान को भी खत्म कर दिया जिसमें मेकअप आर्टिस्ट और हेयरड्रेसर एसोसिएशन का सदस्य बनने के लिए महाराष्ट्र में पांच साल रहना अनिवार्य किया गया था।
पीठ ने कहा कि इस तरह का भेदभाव कोई समझदारी का काम नहीं है। उसने सिने कस्ट्यूम और मेकअप आर्टिस्ट एसोसिएशन (मुंबई) को 10 दिन के अंदर इन प्रावधानों को खत्म करने का निर्देश दिया।
चारू खुराना की याचिका पर हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश चारू खुराना और अन्य महिला मेकअप आर्टिस्ट की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि महिलाओं को देश के किसी भी हिस्से में रोजगार करने और अपनी आजीविका कमाने का मौलिक हक है और कोई एसोसिएशन या संस्था लिंग के आधार पर किसी को इससे वंचित नहीं कर सकती है।
कोर्ट के इस फैसले के साथ ही अब योग्यता प्राप्त महिलाएं मेकअप आर्टिस्ट का काम कर सकेंगी और एसोसिएशन की सदस्यता के लिए उन्हें 5 साल के आवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई को एसोसिएशन को एक मौका देते हुए कहा था कि वह खुद से इन प्रावधानों को खत्म कर दे अन्यथा वह इसे निरस्त कर देगा लेकिन एसोसिएशन की ओर से ऐसा नहीं किए जाने पर पीठ ने दोनों प्रावधानों को निरस्त कर दिया।
बॉलीवुड ने किया फैसले का स्वागत
महिला मेकअप आर्टिस्ट के काम करने को हरी झंडी देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बॉलीवुड की कई हस्तियों ने स्वागत किया है। अभिनेता-प्रोड्यूसर फरहान अख्तर ने ट्वीट कर कहा कि महिलाओं के सिने मेकअप आर्टिस्ट एसोसिएशन का सदस्य बनने पर लगी रोक को खत्म करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है।
वहीं मधुर भंडारकर ने भी लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का फिल्म जगत में महिलाओं को मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम करने की अनुमति देने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भेदभाव गलत और अनावश्यक था।
अभिनेता अफताब शिवदासानी ने अपने ट्वीट में कहा कि महिला मेकअप आर्टिस्ट को काम करने की अनुमति देने का सुप्रीम कोर्ट फैसला बहुत अहम है। लैंगिक समानता की ओर कुछ प्रगति हुई है।