मनोज तिवारी के वकील विकास सिंह : शीर्ष अदालत की कार्रवाई का दुरुपयोग हो रहा है। डेयरी की सीलिंग गैरकानूनी थी।
सुप्रीम कोर्ट: यदि आपको सीलिंग को लेकर परेशानी थी, तो हमारे पास आना चाहिए था। न कि कानून अपने हाथ में लेना चाहिए था।
वकील: उस संपत्ति की सीलिंग का सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कोई वास्ता नहीं है।
कोर्ट: मनोज तिवारी द्वारा टीवी इंटरव्यू में यह कहा जाना कि उस इलाके में और 1000 अवैध संपत्तियां हैं, जिन्हें सील नहीं किया गया। आप मुझे कल तक उन संपत्तियों की सूची दें। फिर हम आपको उन संपत्तियों को सील करने के लिए कहेंगे। आपको सीलिंग ऑफिसर बना देंगे।
वकील: मनोज तिवारी सांसद हैं।
कोर्ट: तो क्या हुआ? आप सांसद हैं इसका यह मतलब नहीं है कि आपको सब कुछ करने का लाइसेंस मिल गया।
वकील: मॉनिटरिंग कमेटी शीर्ष अदालत की आड़ में पब्लिसिटी चाह रही है।
कोर्ट: मिस्टर सिंह, मनोज तिवारी यहां हैं, आप क्षुब्ध न हों। आप हलफनामा दायर कर यह सब बताइए।