पीठ ने कहा कि हमने साफ-साफ हलफनामा दायर करने के लिए कहा था। पीठ ने कहा कि आप कहेंगे तो हम हिन्दी में भी आदेश पारित कर सकते हैं।
सरकार के इस रवैये से पीठ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना कर दिया। साथ ही पीठ ने कहा कि आप हर हाल में हलफनामा दायर करना होगा।
सुनवाई के दौरान पीठ के दूसरे सदस्य न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने यह भी कहा कि आप अतिक्रमण हटाने की वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों नहीं करते हैं। इससे आपके पास रिकार्ड रहेगा कि आपने क्या कार्रवाई की है।
साथ ही इससे यह भी पता चल जाएगा कि किसने फिर से अतिक्रमण कर लिया है। उन्होंने सरकार से कहा कि आप वास्तव में लोगों को अतिक्रमण करने का बढ़ावा देते हैं। पीठ ने कहा कि यह नहीं चलेगा।