उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार इसी ट्रक में भिड़ी थी
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई की अपील पर अपना वह आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया, जिसमें उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता की कार के एक्सीडेंट का मामला रायबरेली से दिल्ली ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि गुरुवार को उन्नाव कांड से जुड़े चार अन्य मामले दिल्ली ट्रांसफर करने के लिए दिया गया आदेश बरकरार रहेगा।
साथ ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा महेश सिंह को जल्द तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का भी आदेश दिया। पीठ ने हादसे में गंभीर घायल हुई पीड़िता और उसके वकील का इलाज दिल्ली में कराने का फैसला भी उनके परिजनों पर ही छोड़ दिया है। हालांकि शीर्ष अदालत ने उन्हें आपात स्थिति में किसी भी समय सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेट्री जनरल से मदद लेने की छूट दी है। आगे की सुनवाई सोमवार को होगी।
इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के सामने सीबीआई का पक्ष रखा। उन्होंने पीठ को बताया कि एक्सीडेंट का मामला ट्रांसफर करने पर सीबीआई को कई तरह की तकनीकी समस्याएं झेलनी होंगी। लिहाजा इस आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए। इस पर पीठ ने जांच पूरी होने तक आदेश को स्थगित करने पर सहमति जता दी। पीठ ने बृहस्पतिवार को सीबीआई को जांच पूरी करने के लिए अधिकतम 15 दिनों का वक्त दिया था।
एक्सीडेंट की जांच के लिए विशेष सीबीआई टीम
सीबीआई प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि सड़क हादसे की जल्द जांच के लिए लखनऊ में मौजूद पांच सदस्यीय जांच दल के अतिरिक्त भी 20 सदस्यीय विशेष दल का गठन कर दिया गया है। घटनास्थल पर एक्सीडेंट का सीन दोहराने के लिए सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैब के छह शीर्ष फोरेंसिक विशेषज्ञों का एक दल पहले ही भेज दिया गया है।