गैंगस्टर संदीप गाड़ौली एनकाउंटर मामले में पुलिस की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मुंबई की निचली अदालत से सात दिन के भीतर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेटिव जांच कराने का आदेश दिया है।
दूसरी ओर एसआईटी ने मुंबई की अदालत में दोनों सिपाहियों को पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि गैंगस्टर के परिजन जिस मजिस्ट्रेटिव जांच की मांग कर रहे हैं, उसकी जांच कराने का अधिकार निचली अदालत के पास है।
वह निचली अदालत से ही सात दिन के भीतर मजिस्ट्रेटिव जांच करा लें। इसके साथ ही एसआईटी को आदेश दिया है कि वह गैंगस्टर के भाई कु लदीप के दर्ज बयान को एफआईआर में शामिल करे।
आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ
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दूसरी ओर एसआईटी ने मंगलवार को गुडग़ांव से एनकाउंटर में शामिल दो सिपाही विक्रम व जितेन्द्र को गिरफ्तार किया है। एसआईटी उन्हें लेकर मुंबई गई है।
जहां उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया। दोनों 20 जुलाई तक की पुलिस रिमांड पर रहेंगे। गौरतलब है कि गैंगस्टर एनकाउंटर का मुख्य आरोपी एसआई प्रद्युम्र पहले से ही दस दिन की पुलिस रिमांड पर है।
उसकी पुलिस रिमांड 16 जुलाई को पूरी होगी। तीनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ हो सकती है।
दिव्या की एसआईटी को तलाश
मालूम हो कि गुडग़ांव पुलिस ने प्रदेश के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर संदीप गाड़ौली को एक मुठभेड़ में सात फरवरी को मुंबथई में मार गिराया था। जिसका परिजनों ने विरोध किया।
मुंबई पुलिस की एसआईटी ने मामले की जांच की। एनकाउंटर करने वाले पांच पुलिस कर्मियों व उसकी प्रेमिका दिव्या पाहुजा व जेल में बंद गैंगेस्टर बिंदर गुर्जर के भाई मनोज गुर्जर पर हत्या का आरोप लगा है।
एसआईटी अभी दिव्या और दो अन्य पुलिसकर्मियों की तलाश कर रही है।