रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक के पीड़ितों को एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट से राहत भरी खबर आई है। गुरुग्राम के सेक्टर-70 स्थित विस्टा सोसायटी मामले में बिल्डर को चेतावनी दी गई है कि अगर वह आठ मई तक ब्याज नहीं जमा कराता है तो उसकी प्रॉपर्टी को अटैच करने का आदेश दिया जा सकता है।
पीड़ितों का कहना है कि अब उन्हें अदालत का ही सहारा है। गुरुग्राम में यूनिटके के तकरीबन सभी परियोजनाओं में विवाद है। बता दें कि पिछले 14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक को सुनवाई में 17 करोड़ रुपये पर सालाना 14 फीसदी ब्याज रजिस्ट्री में जमा कराने के आदेश दिए थे।
बता दें कि एक जनवरी 2010 से फरवरी 2017 का ब्याज उसे आठ हफ्ते में जमा कराना होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट खरीददारों को मूलधन वापस दिला चुका है। यूनिटेक की विस्टा सोसाइटी मामले में पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने 39 खरीददारों को बड़ी राहत दी थी। उन्हें रजिस्ट्री में जमा 15 करोड़ रुपये में से अपनी मूल राशि दस्तावेज दिखाकर लेने को कहा था।
निवेशक पियूष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के रुख से निवेशकों का उत्साह निश्चित रूप से बढ़ा है। लोगों ने अपने जीवन भर की पूंजी लगाकर घर खरीदने के लिए बिल्डर के पास गए। मगर उन्हें परेशानी के सिवा कुछ भी नहीं मिला। कई साल सड़कों पर प्रदर्शन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 39 निवेशकों को राहत दी है।
लोगों को घर का सपना दिखा यूनिटेक ने खूब ठगा है। बिल्डरों की धोखाधड़ी के खिलाफ कई वर्षों से आवाज उठाने वाले संजय शर्मा का कहना है कि गुरुग्राम में यूनिटके के तकरीब सभी परियोजनाओं में विवाद है।
उन्होंने बताया कि उसके रिहायशी परियोजनाओं में एंथिया फ्लोर्स के अलावा क्रेस्ट व्यू, एस्पेस प्रीमियर, एक्सक्विजिट, निवार्णा प्लाट्स, रेजिडेंसेज,यूनिवल्र्ड रिसोट्र्स विला, सनब्रीज, दी विलोज प्लॉट्स, साउथ पार्क, विस्ताज व द स्प्रूस के विवाद है।