सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है कि क्या दो वयस्क लोगों के बीच सहमति से
बना रिश्ता टूटने पर पुरुष के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाया जा सकता है?
गौरतलब है कि विगत दिनों कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब प्रेम संबंध समाप्त
होने के बाद महिलाओं ने अपने पूर्व प्रेमी पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए
मामला दर्ज कराया है।
इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश तो नहीं दिया,
लेकिन इस तरह के मामलों के प्रति चिंता जरूर जाहिर की।
एक बैंकर के केस की सुनवाई करते हुए जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने ब्रेकअप के बाद रेप के आरोप लगाने पर चिंता एक टॉप बैंकर और एक इंटरनेशनल एयरलाइन की पूर्व
क्रू मेंबर के नाकाम रिश्ते से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए जताई। आरोपी
बैंकर ने कहा कि पढ़ी-लिखी और इंटरनेट की जानकार लड़की अच्छी तरह जानती थी
कि मैं शादीशुदा हूं और मेरे दो बच्चे भी हैं।
मेरे लिए यह जानकारी छिपाना
आसान भी नहीं था। ऐसे में मैं भला शादी का वादा करके किसी को सेक्स के लिए
कैसे प्रेरित कर सकता हूं? महिला ने अपनी शिकायत में बैंकर के खिलाफ शादी
का वादा करके और चुपके से बनाए किसी विडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर
यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।
जस्टिस विक्रमजीत सेन और जस्टिस एस. के.
सिंह की बेंच ने बैंकर से पूछा, आपने महिला का आपत्तिजनक फोटो क्यों खींचा।
आप कहते हैं कि यह सेल्फी है, क्या पूरे शरीर की सेल्फी ले पाना मुमकिन
है?
रिश्ता नाकाम होना नहीं है रेप का आधार
आरोपी बैंकर की तरफ से उनके वकील ने दलील दी, लोग इस तरह के रिश्ते में बहक
जाते हैं। इनका रिश्ता थोड़ा अलग तरह का था। इस पर बेंच ने पूछा, अलग तरह
का? इसे बेवकूफाना रिश्ते के बजाय कामुकता से भरा रिश्ता कहा जा सकता है।
जब वकील ने कहा कि इस मामले में बैंकर के खिलाफ शादी का वादा तोड़ना ही रेप
का मामला दर्ज करने का आधार बनाया गया है। इस पर बेंच ने पूछा कि ऐसा कब
(किसी कोर्ट द्वारा) कहा गया है कि अगर आप किसी महिला के साथ दो साल तक
रिश्ते में रहते हैं और अब वह रिश्ता नाकाम हो जाए तो रेप बन जाता है?
बेंच
ने इस मामले से जुड़े कानूनी सवाल की जांच करने के लिए सहमति जताई। सवाल
यह कि, क्या दो वयस्क लोगों के बीच सहमति से बना रिश्ता टूटने पर पुरुष के
खिलाफ रेप का आरोप लगाया जा सकता है?