आम आदमी पाटी की ओर से बड़े स्तर पर खरीद-फरोख्त किए जाने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुटकी ली। अदालत ने कहा कि आखिर इसे घोड़े का कारोबार (हॉर्स ट्रेडिंग) क्यों कहा जाता है, आदमियों का क्यों नहीं।
जस्टिस एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन द्वारा बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त किए जाने का आरोप लगाए जाने पर चुटकी ली।
संविधान पीठ ने कहा कि हम इसे घोड़े का कारोबार क्यों कहते हैं। इसे आदमियों का कारोबार क्यों नहीं कहते। इस पर एक न्यायाधीश ने कहा कि यह तथ्य भी हो सकता है कि घोड़े आदमी से ज्यादा मंहगे हैं।
पीठ ने कहा कि फिलहाल वह आम आदमी पार्टी का अतिरिक्त हलफनामा और अन्य सामग्री (स्टिंग आपरेशन की कथित सीडी) रिकार्ड पर नहीं ले रही है, जिसमें विरोधी दल भाजपा पर विधानसभा में बहुमत के लिए खरीद फरोख्त का आरोप लगाया गया है। पीठ ने आप पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता फली नरीमन से कहा कि दस अक्टूबर तक इंतजार कीजिए।