विधवाओं के पुनर्वास मामले में राज्य सरकारों के रवैये पर
सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों से कहा कि अब बहुत हुआ, आपको उनके लिए कुछ करना ही होगा। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने राज्यों के रवैये पर एतराज जताते हुए कहा कि हर कोई अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है।
एक अथॉरिटी दूसरी अथॉरिटी पर काम न करने का इल्जाम लगा रही है। ऐसा लगता है कि कोई काम नहीं करना चाह रहा है। आप कुछ काम नहीं करते और जब अदालत कोई आदेश देती है तो आप कहते हैं कि अदालत देश चला रही है। पीठ ने कहा, ‘राज्य सरकारें विधवाओं को लेकर गंभीर नहीं है, ऐसे में वे यह लिख कर दें कि वे काम नहीं करना चाहतीं।’ पीठ ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों से विधवाओं के पुनर्वास के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और एक्शन प्लान तैयार करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
मालूम हो कि पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार को रिपोर्ट न देने वाले 12 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना किया गया था। वहीं, आधी-अधूरी रिपोर्ट देने वाले राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना किया गया था।