पोस्टमार्टम के बाद सुनंदा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उस समय की ऑटोप्सी रिपोर्ट ने संकेत दिया था कि नींद की गोलियों के ओवरडोज के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि रिपोर्ट से यह नहीं पता चला कि उनकी मौत कैसे हुई और यह आत्महत्या थी या नहीं। वहीं उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुनंदा की मौत जहर से हुई और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे बांह, हाथ, पैर आदि पर चोट के 12 निशान थे।
सुनंदा पुष्कर का जन्म एक कश्मीरी पंडित परिवार में 27 जून 1964 को हुआ था। उनके पिता सेना में अधिकारी थे। 1990 में उनका परिवार बोमई से जम्मू आकर बसा था क्योंकि आतंकी हमले के दौरान उनके घर को जला दिया गया था।