एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों के पास जिस तरह रेलवे के फर्जी दस्तावेज मिले हैं, उससे रेलकर्मियों व आरोपियों की मिलीभगत से मना नहीं किया जा सकता। इस दिशा में भी जांच की जाएगी। उनका कहना है कि सरगना केपकड़े जाने के बाद चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे ठगी के पीड़ित
एसपी देहात ने बताया कि गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में ठगी करते थे, जिसके चलते ठगी के पीड़ित भी उन पर आंख मूंदकर भरोसा कर रहे हैं। गिरोह का खुलासा होने के बाद भी पीड़ित आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस को कोई गलतफहमी हुई है।
ट्रेनिंग के नाम पर गिनवाए ट्रेन व कोच
पुलिस के मुताबिक ट्रेनिंग के नाम आवेदकों को अलग-अलग राज्यों में ले जाकर उनसे रोजाना ट्रेन व उनके गिनवाए गए। वहां पर देश के अन्य हिस्सों से भी युवा थे। बाद में नियुक्ति न मिलने पर फर्जावाड़े का खुलासा हुआ। कुछ आवेदकों को अलग-अलग राज्यों में होटलों में भी रुकवाया। उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोड़कर ट्रेन देखने के लिए छोड़ दिया जाता था।