फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला: धीमी जांच के चलते कमरा हमेशा बंद नहीं रखा जा सकता : कोर्ट

Sat, 22 Jul 2017 09:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीड‌िया
विज्ञापन
सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में होटल के बंद कमरे को चार सप्ताह के भीतर खोलने का निर्देश अदालत ने दिल्ली पुलिस को दिया है। अदालत ने अपने निर्देश में कहा कि पुलिस की धीमी जांच के चलते कमरे को हमेशा के लिए बंद नहीं रखा जा सकता।
विज्ञापन


यह कमरा 14 जनवरी, 2014 से बंद है। पटियाला हाउस स्थित महानगर दंडाधिकारी पंकज शर्मा ने होटल लीला की अर्जी पर सुनवाई के बाद कमरा नंबर 345 को चार सप्ताह के भीतर खोलने का निर्देश दिल्ली पुलिस को दिया है। अदालत ने पुलिस को 19 अगस्त को अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

अदालत ने कहा कि पुलिस की सुस्त जांच का खामियाजा व नुकसान होटल को भुगतने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। हालांकि अदालत ने अपने निर्देश में यह भी कहा कि अगर पुलिस किसी विशेष कारण से जांच पूरी नहीं कर पाती है, तो वह समय बढ़ाने के लिए होटल को सूचना देकर कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है।
विज्ञापन


होटल की ओर से अर्जी पर अधिवक्ता माधव खुराना ने कहा कि यह कमरा तीन साल से बंद है। कमरा बंद होने के कारण उसमें दीमक व कीड़े लग गए हैं, जो दूसरे कमरों में फैल रहे हैं। होटल को इससे भारी नुकसान हो रहा है। अगर पुलिस चाहे तो कमरे का सामान ले जा सकती है।

दूसरी ओर पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच सीबीआई को देने की मांग पर हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन है, जिस पर एक अगस्त को सुनवाई होनी है, इसलिए तब तक पुलिस को मोहलत दी जाए।

अदालत के पूछने पर इंस्पेक्टर रावत ने बताया कि कमरा खुलवाने की अर्जी पर कोई स्टे नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने कमरा खोलने का निर्देश पुलिस को दिया है।       
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें