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बिना स्वीकृति बनाए गए दर्जनों फ्लैट सील, अभी जारी रहेगी कार्रवाई

Fri, 21 Jul 2017 05:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम

सार


- निगम कई दिन से कर रहा
- बृहस्पतिवार को 40 फ्लैट सील किए, शुक्रवार को 30
- निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किए गए थे 
- संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई
अमर उजाला ब्यूरो 
गुरुग्राम।
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- फोटो : प्रतिकात्मक फोटो
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विस्तार
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नगर निगम से बिना अनुमति प्राप्त किए अर्थात बिल्डिंग प्लान अनुमति लिए बिना नगर निगम सीमा के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण करना अनाधिकृत है। नगर निगम ऐसे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करेगा तथा निर्माण को सील करने के साथ-साथ उसे तोड़ने की कार्रवाई भी की जाएगी।
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पिछले कुछ दिनों के अंदर निगम ने सौ के करीब फ्लैटों को सील किया है। यह कार्रवाई अभी आगे भी जारी रहेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए नगर निगम के डीटीपी संजीव मान ने बताया कि निगम की इनफोर्समेंट विंग अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

पहले चरण में निर्माण करने वालों को नोटिस भेजे जाते हैं और उसके बाद निर्माण को सील करने एवं तोड़ने की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि इनफोर्समेंट विंग द्वारा बृहस्पतिवार को पालम विहार में चार अनाधिकृत निर्माणाधीन भवनों में 40 फ्लैटों को सील करने की कार्रवाई की गई।
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यह कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी रही। देर शाम अनाधिकृत तरीके से बनाए गईं टीम ने तीन सोसायटी के करीब 30 फ्लैटों को सील कर दिया था। यह कार्रवाई रात तक चलती रही।

इसके साथ ही ओल्ड रेलवे रोड पर शिवमूर्ति के पास अनाधिकृत निर्माणाधीन शोरूम को भी सील किया गया। निगम द्वारा उक्त सभी निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किए गए थे तथा संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिलने की सूरत में सीलिंग की कार्रवाई की गई।

नगर निगम आयुक्त वी. उमाशंकर के अनुसार शहर में अनाधिकृत निर्माणों पर नजर रखने तथा ऐसे निर्माणों को रोकने के लिए डीटीपी संजीव मान के नेतृत्व में इनफोर्समेंट विंग का गठन किया गया है।

इसके अधिकारी अपने-अपने जोन में कार्रवाई कर रहे हैं। कमिश्नर ने बताया कि नगर निगम द्वारा बिल्डिंग प्लान स्वीकृति के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी गई है, ताकि नागरिकों को नगर निगम कार्यालय में ना आना पड़े।

उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता अपनी फाइल की मूवमेंट को ऑनलाइन भी देख सकते हैं और उन्हें फाइल के प्रत्येक स्तर के बारे में एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलेगी। इससे एक ओर जहां कार्य में पारदर्शिता बनी रहेगी, वहीं कार्यप्रणाली में तेजी भी आएगी।
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