सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में होटल के बंद कमरे को चार सप्ताह के भीतर खोलने का निर्देश अदालत ने दिल्ली पुलिस को दिया है। अदालत ने अपने निर्देश में कहा कि पुलिस की धीमी जांच के चलते कमरे को हमेशा के लिए बंद नहीं रखा जा सकता।
यह कमरा 14 जनवरी, 2014 से बंद है। पटियाला हाउस स्थित महानगर दंडाधिकारी पंकज शर्मा ने होटल लीला की अर्जी पर सुनवाई के बाद कमरा नंबर 345 को चार सप्ताह के भीतर खोलने का निर्देश दिल्ली पुलिस को दिया है। अदालत ने पुलिस को 19 अगस्त को अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
अदालत ने कहा कि पुलिस की सुस्त जांच का खामियाजा व नुकसान होटल को भुगतने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। हालांकि अदालत ने अपने निर्देश में यह भी कहा कि अगर पुलिस किसी विशेष कारण से जांच पूरी नहीं कर पाती है, तो वह समय बढ़ाने के लिए होटल को सूचना देकर कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है।
होटल की ओर से अर्जी पर अधिवक्ता माधव खुराना ने कहा कि यह कमरा तीन साल से बंद है। कमरा बंद होने के कारण उसमें दीमक व कीड़े लग गए हैं, जो दूसरे कमरों में फैल रहे हैं। होटल को इससे भारी नुकसान हो रहा है। अगर पुलिस चाहे तो कमरे का सामान ले जा सकती है।
दूसरी ओर पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच सीबीआई को देने की मांग पर हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन है, जिस पर एक अगस्त को सुनवाई होनी है, इसलिए तब तक पुलिस को मोहलत दी जाए।
अदालत के पूछने पर इंस्पेक्टर रावत ने बताया कि कमरा खुलवाने की अर्जी पर कोई स्टे नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने कमरा खोलने का निर्देश पुलिस को दिया है।