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केमिस्ट की दुकान से सुनंदा की दवाई लाता था ड्राइवर बजरंगी

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पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की हत्या मामले में नया खुलासा सामने आया है। शशि थरूर के स्टाफ से पूछताछ में ये बात सामने आई कि उनका ड्राइवर बजरंगी ही सुनंदा के लिए दवाईयां लेकर जाता था।
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ये दवाईयां लोधी कॉलोनी स्थित केमिस्ट की दुकान से खरीदी जाती थीं। जांच में ये भी बात सामने आई कि बजरंगी ही एल्प्रेक्स की दवाईयां भी इसी दुकान से ले गया था।

एसआईटी ने गुजरात से आई सुनंदा के मोबाइल फोन कॉल्स की रिपोर्ट का फिर से अध्ययन करना शुरू कर दिया है। हालांकि लोधी कॉलोनी स्थित केमिस्ट शॉप के मालिक ने बजरंगी को पहचानने से इनकार कर दिया है।
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ड्राइवर का दावा शॉप का मालिक उसे अच्छी तरह जानता है

केमिस्ट का कहना है कि उसकी दुकान पर काफी लोग आते हैं ऐसे में उसे याद नहीं रहता कि उसकी दुकान से कौन-कौन दवाई ले जाता था।

बजरंगी का दावा है कि केमिस्ट शॉप का मालिक उसे अच्छी तरह जानता है। इसी दुकान से एल्प्रेक्स की गोलियां लेकर गया था। दुकानदार ने ये भी दावा किया है कि वह बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाई नहीं देता।

दिल्ली पुलिस केएक अफसर का ये भी कहना है कि लीला होटल के कमरे में जब सुनंदा मृत पाई गई थीं उसके बाद उसे मोबाइल से कुछ डायलिंग व रिसीविंग नंबर डिलीट कर दिए गए थे। कुछ मैसेज भी डिलीट किए गए थे। एसआईटी इस मामले की जांच नहीं कर रही है।
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जांच के लिए मोबाइल भेजा गया था अहमदाबाद की लैब

एसआईटी के सदस्यों से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। सुनंदा के मोबाइलों को जांच के लिए अहमदाबाद स्थित लैब में भेजा गया था।

एसआईटी के सदस्यों ने सोमवार को सरोजनी नगर थाने में बैठक की और तफ्तीश को आगे बढ़ाया है। सूत्रों की मानें तो सुनंदा की मौत के मामले में सोमवार को किसी से भी पूछताछ नहीं की गई है।

दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ, दक्षिण जिला के डीसीपी-दो सुरेन्द्र सिंह, एसीपी ऑपरेशन राजेंद्र सिंह, एसीपी सफदरजंग एंक्लेव, इंस्पेक्टर रवि शंकर और थानाध्यक्ष वीकेपीएस यादव एसआईटी के सदस्य हैं।
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