शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि निर्दोष सिखों पर हमले के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर उन पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया जाए।
एक बयान मेें उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी के भी खिलाफ अमानवीय व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है। बुजुर्ग सिख और उनके बेटे से मुखर्जी नगर थाने के सामने पुलिसकर्मियों ने जानवरों जैसा व्यवहार करते हुए बुरी तरह मारपीट की। बेटे के सामने ही पिता को मारा पीटा और घसीटा गया।
बाद में बेटे को भी निर्दयता से पीटा गया। उन्होंने गृह मंत्री से आग्रह किया कि दोषियों को ऐसी सजा दें, जो उदाहरण बन सके। बादल ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) से भी यह मामला जोर-शोर से उठाने के लिए कहा। उन्होंने इसका जिम्मा अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को सौंपा है।
सिरसा ने कहा, कृपाण से हमला जायज
डीएसजीपीसी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने सरबजीत के पुलिसकर्मियों पर कृपाण से हमले को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बचाव करने का अधिकार है। दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त नहीं किया गया तो हम सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्त से मिला और दोषियों को बर्खास्त करने की मांग की। सिरसा ने दावा किया कि आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कमेटी चालक को कानूनी मदद भी मुहैया कराएगी।
पुलिस मुख्यालय का घेराव करेंगे : पम्मा
नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि देश की राजधानी में पुलिसवालों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं। जल्दी ही दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो वे पुलिस मुख्यालय का घेराव करेंगे। पम्मा ने गृह मंत्री से घटना की उच्च स्तरीय जांच करा दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई और हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील की है।