तिहाड़ जेल में एक बार फिर सुख-सुविधा पाने के लिए जालसाज सुकेश चंद्रशेखर ने जेल के अधिकारियों और कर्मियों को रिश्वत दी। उसने एक कैदी के भाई के बैंक खाते में सवा लाख रुपये डलवाए, जहां से जेल के अधिकारियों को पैसे पहुंचाए गए। मामले का खुलासा होते ही सुकेश चंद्रशेखर की जेल को बदल दिया और दो जेल अधीक्षक और एक वार्डर को लाइन में भेज दिया गया है।
जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जेल अधिकारियों और जेल कर्मी के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जेल अधिकारियों के मुताबिक दोष साबित होने पर इनके खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
पिछले महीने जेल प्रशासन को सूचना मिली कि सुकेश ने जेल अधिकारियों को रिश्वत दिया है। लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा था कि उसने किस माध्यम से पैसे दिए हैं। इसकी जानकारी के मिलने के बाद जेल प्रशासन ने सुकेश को जेल नंबर चार से तुरंत जेल नंबर एक में स्थानांतरित कर दिया।
साथ ही जिन दो सहायक अधीक्षक और एक बार्डर पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था उन्हें जिला मुख्यालय में भेज दिया गया। जेल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए। जेल सूत्रों का कहना है कि शुरूआती जांच में पता चला कि सुकेश ने एक कैदी के भाई के खाते में 1.25 लाख रुपये जमा करवाए।
जिसके जरिए पैसे जेल अधिकारियों और बार्डर तक पहुंचना था। लेकिन पैसे जेल अधिकारियों के बैंक खाते में पहुंचे या उन लोगों को किसी माध्यम से पैसे मिले इसकी जांच की जा रही है। इससे पहले आर्थिक अपराध शाखा ने दावा किया था कि सुकेश ने रोहिणी जेल कर्मचारियों को अपने लिए सुरक्षित बैरक की व्यवस्था करने के लिए लगभग 25-30 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।