ग्रेटर नोएडा स्थित नामी विश्वविद्यालय की बीडीएस छात्रा के आत्महत्या मामले में अभी तक विश्वविद्यालय ने घटना की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। यह जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता न्यायमित्र अपर्णा भट्ट की ओर से दायर स्थिति रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट को दी गई है।
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भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को इस मामले की सुनवाई कर सकती है। अपनी 30 पन्नों की रिपोर्ट में भट्ट ने कहा कि शारदा विश्वविद्यालय से जुड़ी घटना में एफआईआर विश्वविद्यालय की ओर से नहीं, बल्कि अभिभावकों की ओर से दर्ज कराई गई थी।
सुसाइड नोट में जिन दो लोगों के नाम हैं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पोस्टमॉर्टम में दम घुटने से मौत का पता चला है, और जांच जारी है और जल्द ही पूरी हो जाएगी।