नरेंद्र शर्मा हत्याकांड में दीपक नागर, रंजीत व श्रीनिवास के अलावा हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में अनिल दुजाना और बलराम ठाकुर को नामजद किया गया था। 22 मई को कुलदीप शर्मा की गवाही से अनिल दुजाना और बलराम ठाकुर बौखला गए थे। पेशी पर आए अनिल दुजाना और बलराम ठाकुर ने सोनू से उसको रास्ते से हटाने के लिए कहा।
अनित तोता को घर की रेकी करने के लिए लगाया गया। एसटीएफ के अनुसार, अनित तोता ने बाइक से रेकी कर कुलदीप के घर में होने की सूचना शूटर्स को दी। हालांकि, वारदात से करीब 10 मिनट पहले ही कुलदीप गारमेंट फैक्ट्री के लिए निकल गए थे। जब शूटर पहुंचे तो उसी समय राजकुमार शर्मा बाहर आकर सुरक्षाकर्मी नितिन वर्मा के साथ बैठे थे।
एसटीएफ के अनुसार, हत्यारे कुलदीप को मारने की फिराक में थे। एसटीएफ की इस थ्योरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुलदीप के साथ हमेशा कार्बाइन लिए गनर होता है। वह घर के अंदर से तैयार होकर फैक्ट्री के लिए निकले थे। वह घर के बाहर खड़े भी नहीं हुए। वहीं, जब घर के सामने कोई नहीं था तो अनित तोता ने मुखबिरी कर शूटरों को क्या जानकारी दी थी, जिसकी खबर पर शूटर आए। अगर उन्हें कुलदीप को मारना होता तो वह राजकुमार शर्मा को निशाना क्यों बनाते।
बताया जा रहा है कि दूसरे जिलों से शूटरों को बुलाया गया था। इससे पहले भी सोनू ने भाड़े के हत्यारों से सिकंद्राबाद, बुलंदशहर में जगत सिंह की हत्या कराई थी, जिसमें प्रत्येक शूटर को दो-दो लाख रुपये दिए गए थे।