प्रेमिका के लिए खुद को गोली से उड़ाने वाले भोपाल के युवक का दिल शुक्रवार को एम्स में अन्य युवक में धड़कने लगा। युवक की अंतिम इच्छा मानकर उसके परिजनों ने शरीर के सभी अंगदान कर दिए। इसके बाद दिल्ली एम्स से डॉक्टरों की टीम भोपाल रवाना हुई। भोपाल के बंसल अस्पताल से शरीर से दिल निकालने के बाद टीम वापस दिल्ली लौट आई। चूंकि दिल को प्रत्यारोपण के लिए महज छह घंटे का वक्त ही डॉक्टरों के पास होता है। इसलिए टीम ने शुक्रवार सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची। यहां दिल्ली पुलिस के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर के जरिए दिल को सुबह 8 बजकर 39 मिनट पर एम्स पहुंचा दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने एक मरीज का सफल प्रत्यारोपण किया।
एम्स के वरिष्ठ कार्डिक सर्जन ने बताया कि सुबह दिल आने के बाद करीब 35 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। ऑपरेशन सफल रहा है। फिलहाल मरीज को वेंटीलेटर पर रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले 48 घंटे के भीतर उसके स्वास्थ्य में सुधार आ जाएगा।
अतुल की मां सुनंदा लोखंडे के अनुसार, उनके बेटे ने फेसबुक पर मरकर भी जिंदा रहने की इच्छा जताई थी। अतुल और उसके मामा ने कुछ दिन पहले देहदान और अंगदान के विषय में सेमीनार किया था। उससे प्रभावित होकर ही अतुल ने फेसबुक पर लिखा। अपने बेटे की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने अंगदान का फैसला लिया।