रियायती सिलेंडरों का कोटा बढ़ने के बाद गैर रियायती सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी गई है। ऐसे में संयुक्त परिवारों को खासी परेशानियां आ रही है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में रियायती सिलेंडरों का कोटा नौ से बढ़ाकर 12 किया था।
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इसके बाद छोटे परिवारों की मुसीबत तो खत्म हो गई है, लेकिन अभी भी कई परिवार गैर रियायती सिलेंडरों पर ही आश्रित हैं।
इन परिवारों की दलील है कि कोटा बढ़ने के बाद से उन्हें बाजार भाव वाला सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
गैस एजेंसी पर यह दलील देकर लौटा दिया जाता है कि रियायती सिलेंडर का कोटा खत्म होने के बाद ही गैर रियायती सिलेंडर का कोटा मिल पाएगा।
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पटेल नगर निवासी राजकुमार बताते हैं कि एजेंसी से गैर रियायती सिलेंडर न मिल पाने के कारण उन्हें ब्लैक में सिलेंडर लेना पड़ा। पहले जो सिलेंडर 1100 में मिल रहा था, अब उसके लिए 1300 रुपये देने पड़े हैं।
शादियों के कारण कालाबाजारी
गैस आपूर्ति में आ रही परेशानियों के लिए शादियों के सीजन को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। पहले लोग आपस में सिलेंडर लेकर काम चला लिया करते थे, लेकिन अब कोटा निर्धारित होने के बाद कोई भी सिलेंडर देना पसंद नहीं करता। कहना गलत नहीं होगा कि गैर रियायती सिलेंडरों की कमी का एक कारण शादी वाले घरों में गैस सिलेंडरों की भरपाई करना भी हो सकता है।