नई दिल्ली। आयुर्वेद की पढ़ाई को अब ज्यादा बेहतर और प्रैक्टिकल बनाया जाएगा। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने देशभर के सभी आयुर्वेद कॉलेजों से एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म आयुरसिम को पढ़ाई में इस्तेमाल करने को कहा है। ये एक वर्चुअल यानी आभासी शिक्षण मंच है। इसके जरिए आयुर्वेद के छात्र असली मरीजों से मिलने से पहले कंप्यूटर पर ही मरीज की जांच करना, बीमारी पहचानना और इलाज की योजना बनाना सीख सकेंगे।
केरल के नारायण आयुर्वेद संस्थान के डॉ. मनोजकुमार वी चौधरी ने बताया कि आयुरसिम से पढ़ाई ज्यादा रोचक और समझने में आसान हो गई है। इसे अमृता क्रिएट, अमृता आयुर्वेद विद्यालय और जामनगर के आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान ने मिलकर तैयार किया है। इस मंच पर 9 विभागों से जुड़े 54 वर्चुअल मरीजों के केस और 416 इंटरएक्टिव स्टडी मटेरियल मौजूद हैं। अब तक 7 ट्रेनिंग सेशन हो चुके हैं, जिनमें 1,078 शिक्षक और छात्र हिस्सा ले चुके हैं। 96 फीसदी से ज्यादा लोगों ने इसे पढ़ाई के लिए बहुत उपयोगी बताया। ब्यूरो