1.20 करोड़ की सहायता कमजोर वर्ग के छात्रों को
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने 2022 में वित्तीय सहायता योजना (एफएसएस) की घोषणा की थी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शुल्क माफी के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना के तहत 1669 विद्यार्थियों को 1,20,41,638 रुपये सहायता दी गई है। इस योजना के तहत चार लाख रुपये या उससे कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए 100 फीसदी फीस माफी का प्रावधान है, जबकि चार लाख रुपये से अधिक और आठ लाख रुपये या इससे कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए 50 फीसदी फीस माफी का प्रावधान किया गया है।
30 सीटों के साथ शुरू होगा एमटेक कंप्यूटर विज्ञान प्रोग्राम
प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा कंप्यूटर विज्ञान विभाग में 30 सीटों के साथ एम.टेक कंप्यूटर विज्ञान प्रोग्राम भी शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से रूसी भाषा में बीए (ऑनर्स) की शुरूआत की जाएगी। इनके साथ ही कुछ मेडिकल कोर्स भी आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू किए जा रहे हैं।
शुरुआत में प्रस्तुत की गई एक्शन टेकिंग रिपोर्ट
बैठक की शुरुआत में डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने 15 दिसंबर 2023 को आयोजित हुई ईसी की बैठक के मिनट्स और एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। शून्य काल के दौरान ईसी सदस्यों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। ईसी के एजेंडे पर चर्चा के दौरान गत 12 जुलाई को आयोजित हुई विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में की गई सिफारिशों पर भी विचार किया गया। इसके तहत विभिन्न विभागों के कुछ पाठ्यक्रमों को भी यूजीसीएफ़-2022 के अनुसार स्वीकृति प्रदान की गई।
तीन परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण प्रस्ताव को स्वीकृति
डीयू की वित्त समिति द्वारा तीन परियोजनाओं के लिए हेफा से वित्त पोषण हेतु दिए गए प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अनुसार सूरजमल विहार में नए शैक्षणिक भवन के निर्माण हेतु 373.00 करोड़ रुपये, रोशनपुरा नजफगढ़ में कॉलेज/अकादमिक भवन के निर्माण हेतु 140.10 करोड़ रुपये और द्वारका में खाली जमीन पर नए शैक्षणिक भवन के निर्माण हेतु 107.18 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
उत्तीर्णता और पदोन्नति मानदंडों एवं नियमों में संशोधन
एनईपी यूजीसीएफ-2022 के तहत विद्यार्थियों के लिए उत्तीर्णता और पदोन्नति मानदंडों और नियमों की समीक्षा के लिए दिशानिर्देश तैयार करने हेतु गठित समिति की सिफारिशों को भी ईसी की बैठक के दौरान स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अनुसार विद्यार्थियों को अगले वर्ष में पदोन्नति के लिए दोनों सेमेस्टर के कुल क्रेडिट में से कम से कम 28 क्रेडिट प्राप्त करने होंगे। हालांकि, खेल, ईसीए, एनसीसी/एनएसएस आदि में डीयू का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थियों को पूर्व अनुमति के छूट मिल सकती है। एनईपी यूजीसीएफ-2022 के तहत प्रत्येक सेमेस्टर में 22 क्रेडिट वाले सात पेपर होते हैं, इस प्रकार एक वर्ष में 44 क्रेडिट वाले चौदह (14) पेपर होते हैं। विद्यार्थियों के पास 4 क्रेडिट वाले एक और कोर (डीएससी) पेपर चुनने का विकल्प होता है। इसलिए एक विद्यार्थी एक सेमेस्टर में अधिकतम 26 क्रेडिट और एक शैक्षणिक वर्ष में 52 क्रेडिट अर्जित कर सकता है। मौजूदा उत्तीर्ण और पदोन्नति नियमों के अनुसार एक विद्यार्थी को पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष से दूसरे वर्ष में पदोन्नति के लिए एक और दो सेमेस्टर के 50 फीसदी पेपर एक साथ पास करने होते हैं।
पीजी एडमिशन: तीन दौर में भरीं लगभग 90 फीसदी सीटें
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि स्नातकोत्तर (पीजी), बीटेक और पांच वर्षीय बीएएलएलबी एवं बीबीएएलएलबी में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। तीनों कार्यक्रमों में प्रवेश के तीन दौर पूरे हो चुके हैं। पीजी में, तीन दौर में 13000 में से लगभग 11000 सीटें भरी गई हैं। पहले स्पॉट राउंड में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। यानि तीन दौर में लगभग 90फीसदी सीटें भरी जा चुकी हैं। पांच वर्षीय एकीकृत लॉ प्रोग्रामों में 120 में से 95 सीटें भरी जा चुकी हैं। शेष के लिए स्पॉट राउंड प्रक्रिया जारी है। बीटेक में लगभग 200 उम्मीदवारों ने प्रवेश ले लिया है, चौथी सूची जारी होने वाली है।
25 लाख की गई सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी
महंगाई भत्ते की दरों को 46 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने के कारण सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने को भी डीयू ईसी में स्वीकृति प्रदान की गई है।