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पहली परीक्षा छोड़ने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में नहीं हो सकेंगे शामिल : सीबीएसई

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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा
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-पहली परीक्षा में पास हुए छात्रों को साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषा में से किन्ही तीन विषयों में सुधार की इजाजत मिलेगी
-बोर्ड को छात्रों से मिला अनुरोध, पहली परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे, दूसरी परीक्षा में बैठने की इजाजत मांगी

-सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि दूसरे बोर्ड एग्जाम का हिस्सा बनने के लिए पहली परीक्षा को देना जरूरी



अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं में दो बार परीक्षा नीति के तहत छात्रों का पहली बार परीक्षा में बैठना अनिवार्य है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि दूसरी बार परीक्षा का हिस्सा बनने के लिए पहली परीक्षा देना जरूरी है। पहली परीक्षा में पास हुए छात्रों को साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषा में से किन्ही तीन विषयों में सुधार करने की इजाजत मिलेगी। दरअसल सीबीएसई को छात्रों से अनुरोध मिला है कि वह पहली परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे और उन्हें दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी।
सीबीएसई ने छात्रों से मिले अनुरोध के बाद अपनी दो बार बोर्ड पॉलिसी की जानकारी एक बार फिर से स्पष्ट की है। बोर्ड परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने परिपत्र जारी कर कहा कि सभी छात्रों के लिए जितने भी छात्र परीक्षा में पंजीकृत हैं, उनके लिए पहले बोर्ड परीक्षा में बैठना जरूरी है। पहली बोर्ड परीक्षा में पास हुए और दूसरी परीक्षा के लिए योग्य छात्रों को साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषा में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की इजाजत दी जाएगी।
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यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों में नहीं बैठा है तो उसे दूसरे बार की परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को जरूरी रिपीट श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले साल फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही परीक्षा दे सकते हैं। वहीं जिन छात्रों का पहली परीक्षा में रिजल्ट कंपार्टमेंट है, ऐसे छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जाएगी। दसवीं कक्षा पास करने के बाद अतिरिक्त विषयों की इजाजत नहीं होगी, छात्रों को स्टैंड अलोन विषय में इजाजत नहीं होगी। परीक्षा नियंत्रक ने साफ किया कि यदि कोई छात्र किसी खास कारण से पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों में नहीं बैठ पाता है तो उसे बोर्ड की पॉलिसी के मुताबिक दूसरे बोर्ड एग्जाम में बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। छात्रों से मिली किसी अनुरोध का जवाब नहीं दिया जाएगा।
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