सेक्टर-53 गिझोड़ के मदनमोहन मालवीय जूनियर स्कूल और सेक्टर-127 के प्राइमरी स्कूल में पेट के कीड़े मारने की दवा खाकर के 59 बच्चों की तबियत खराब हो गई।
दवा खाने के बाद बच्चों को उल्टी, पेट में दर्द, चक्कर आने लगे। वहीं कई बेहोश भी हो गए। सभी बच्चों को तुरंत सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराया गया।
बड़ी संख्या में बच्चों के आने से अस्पताल में बेड कम पड़ गए थे। एक-एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती किया गया।
अभिभावकों को सूचना मिलने पर भागे चले आए
चाaइल्ड पीजीआई में भर्ती होते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
गिझोड़ के स्कूल में 55 और सेक्टर-127 के स्कूल में 4 बच्चों की तबियत बिगड़ गई थी। गिझोड़ के स्कूल के बच्चों को चाइल्ड पीजीआई और सेक्टर-127 के प्राइमरी स्कूल के बच्चों को भंगेल के सामुदायिक केंद्र में भर्ती कराया गया।
बच्चे बीमार होते ही जैसे ही अभिभावकों को सूचना मिली तो वह दौड़े-दोड़े स्कूल के बाद अस्पताल पहुंचे। दोनों ही स्कूलों में काफी देर तक अफरातफरी बनी रही।
नेशनल डिर्वामिंग डे पर शहर के स्कूलों में 1 से 19 साल तक के बच्चों को पेट में कीड़े मारने की दवा दी गई थी। जिले में 7 लाख बच्चों को दवा देने का लक्ष्य था। इसी के तहत सुबह 11 बजे स्कूलों में दवा दी गई थी। इसी दौरान मदनमोहन मालवीय स्कूल के 55 बच्चों की हालत खराब हो गई।
108 पर फोन कर बुलवाया एंबुलेंस
चाaइल्ड पीजीआई में भर्ती होते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों की तबियत बिगड़ी देख स्कूल प्रशासन ने तुरंत 108 नंबर एंबुलेंस फोन किया। एंबुलेंस से बच्चों को चाइल्ड पीजीआई लाकर इमरजेंसी में सभी को भर्ती किया गया। हालत में सुधार होने पर वार्ड में भेज दिया गया।
कई बच्चों कापी देर तक उल्टियां होती रहीं। वहीं कई बच्चों को ग्लुकोज तक चढ़ाना पड़ा। चाइल्ड पीजीआई प्रशासन ने बच्चों की हालत ठीक होने पर 50 बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया।
वहीं 5 बच्चे देर शाम तक भर्ती रहें। बच्चों की हालत को देखने के लिए सीएमओ, अडिशनल सीएमओ समेत एसएसपी और एसपी सिटी भी अस्पताल पहुंचे थे।