नई दिल्ली। विषुव दिवस पर नेहरू तारामंडल, प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय की ओर से देशव्यापी एराटोस्थनीज प्रयोग 2026 का आयोजन किया गया। इस वैज्ञानिक गतिविधि में देश के अलग-अलग हिस्सों के स्कूलों, महाविद्यालयों और वैज्ञानिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर सूर्य और परछाइयों के जरिए पृथ्वी के आकार को समझने का प्रयास किया।
नेहरू तारामंडल में आयोजित कार्यक्रम में करीब 250 विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विषयों पर बातचीत और व्याख्यान में हिस्सा लिया, जबकि हाई स्कूल और महाविद्यालयों के 50 विद्यार्थियों ने प्रयोग में भाग लिया। जम्मू-कश्मीर, कुरुक्षेत्र, गुवाहाटी, सूरत, भोपाल, हैदराबाद और कोझिकोड समेत कई स्थानों के विद्यार्थियों ने भी भागीदारी की।
अलग-अलग स्थानों के आंकड़ों की तुलना कर पृथ्वी की परिधि और घूर्णन से जुड़ी गणना की गई। प्राप्त परिणाम वास्तविक मान के काफी करीब रहे। प्रयोग की प्रेरणा प्राचीन यूनानी विद्वान एराटोस्थनीज की विधि से ली गई थी। संवाद