1991 में स्थापित नाट्य वृक्ष से अब तक बड़ी संख्या में छात्रों ने नृत्य प्रशिक्षण लिया है। गीता चंद्रन के कई शिष्य आज ख्यातिप्राप्त डांसर बन चुके हैं। गीता चंद्रन ने बताया कि ‘अभ्यास 2018’ की प्रस्तुति को देश की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी का समर्थन मिला है।
इस समर्थन पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा, ‘जिस तरह एनएमडीसी धरती से खनिज निकालती है, इसी तरह हम नाट्य वृक्ष में युवाओं को अपने अंदर छिपे नृत्य के रत्न को बाहर निकालने के लिए प्रेरित करते हैं।’ 32 शिष्यों के समूह के साथ नृत्य प्रस्तुति के विचार पर गीता चंद्रन ने कहा, ‘पारंपरिक नृत्य विधाओं को सीखना एक लंबी प्रक्रिया है। इसमें पारंगत होने 10 साल या इससे ज्यादा का वक्त लग जाता है।
ऐसे में हमने सोचा कि शिष्यों को सीखने के क्रम में अपनी प्रतिभा को मंच पर दिखाने का मौका देना उनका उत्साह बढ़ा सकता है। यही सोचकर मैंने सामूहिक प्रस्तुति का आयोजन किया। अभ्यास 2018 में 32 ऐसे शिष्यों ने भाग लिया जो 5 साल या इससे ज्यादा समय से मुझसे नृत्य प्रशिक्षण ले रहे हैं।’
गीता चंद्रन ने बताया कि ‘अभ्यास 2018’ के दौरान मंच पर प्रस्तुति देने वाले शिष्यों में युवक व युवतियां दोनों शामिल हैं। एक साथ मंच साझा करने से उनमें आपसी सहयोग की भावना प्रबल होगी। गीता चंद्रन नई पीढ़ी के अनुभव से खुद भी सीखती हैं।
उन्होंने बताया कि एक नृत्यांगना के रूप में उनके अंदर अति उत्साह की भावना रहती थी लेकिन गुरु के रूप में वह एक शांत व्यक्तित्व में ढल गई हैं। युवाओं के तकनीकी ज्ञान और कौशल से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है।