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मिड डे मील में सांप मिलने के बाद बच्चों ने बनाई खाने से दूरी

Fri, 12 May 2017 06:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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म‌िड डे मील में म‌िला सांप का बच्चा - फोटो : अमर उजाला
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मिड डे मील में बृहस्पतिवार को सांप का बच्चा मिलने के बाद विद्यार्थी स्कूल में उपलब्ध कराए जाने वाले खाने से दूरी बनाते दिखे। शुक्रवार को फरीदाबाद के कई स्कूलों में बच्चों ने मिड डे मील नहीं खाया। सरकारी स्कूलों में ज्यादातर बच्चे दोपहर का खाना अपने घर से लेकर आए। 
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कुछ बच्चों ने शिक्षकों के कहने पर मिड डे मील के तहत उपलब्ध कराया गया पुलाव ले तो लिया लेकिन इनमें से अधिकांश ने नजर बचाकर उसे कूड़ेदान में फेंक दिया। 

बच्चों को भरोसे में लेने के लिए पहले शिक्षकों ने पुलाव खाया लेकिन शिक्षक भी इक्का-दुक्का बच्चों का भरोसा जीतने में कामयाब रहे। कुछ स्कूलों से मिड डे मील लेकर पहुंचे वाहनों को गेट से ही वापस लौटा दिया गया। 
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शहर के एनआईटी दो स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को छात्राएं काफी सहमी नजर आई। मिड डे मील वितरण के दौरान छात्राएं नाक सिकोड़ती नजर आईं। शिक्षकों द्वारा लाख मनाए जाने के बावजूद छात्राएं खाना लेने को तैयार नहीं दिखीं। 

इस स्कूल में रोजाना 10:30 से 11 बजे के बीच मिड डे मील लेकर वाहन पहुंच जाता है लेकिन शुक्रवार को 11:50 बजे खाना आया। रोजाना खाने की वैन आने का इंतजार करने वाले बच्चे खिचड़ी में सांप मिलने की घटना के बाद से डरे हुए थे। वैन पहुंचने के बाद पुलाव बांटने की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन गिनीचुनी छात्राओं ने ही पुलाव लिया। 

छात्रा खुशबू और मन्नत ने बताया कि वे घर से खाना लेकर नहीं आई थी और उन्होंने स्कूल में मिलने वाला खाना भी नहीं लिया। एनआईटी एक स्थित राजकीय स्कूल में भी बच्चे मिड डे मील पर भरोसा करने की जगह घर से लाए गए खाने पर भरोसा करते दिखे। घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में दिखे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी स्कूलों में फोन कर मिड डे मील की अपडेट लेती रहीं। 

थाली लेकर कक्षाओं में पहुंची शिक्षिकाएं
एनआईटी दो के स्कूल में बच्चों ने मिड डे मील लेने से इनकार कर दिया तो बच्चों को मनाने के लिए थालियों में पुलाव परोसकर शिक्षिकाएं क्लास में ले जाती दिखीं। कुछ शिक्षिकाएं छात्राओं को अपने हाथ से पुलाव खिलाने की कोशिश कर रही थीं। 

शिक्षिका प्रवेश ने बताया कि बड़ी मुश्किल से मैंने खुद अपने हाथ से बच्चों को खाना खिलाने की कोशिश की। कुछ ही बच्चे तैयार हुए। कक्षा छह के सेक्शन ए में 29 में से महज 10 बच्चों ने पुलाव का स्वाद चखा। 

कच्चा पुलाव देख वापस लौटाया
फतेहपुर तगा स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मिड डे  मील लेकर पहुंचे वाहन से ड्रम उतार दिए गए थे। स्कूल में मिड डे मील प्रभारी ने ड्रम खोलकर पुलाव की जांच की तो चावल कच्चे पाए गए। किसी तरह का जोखिम मोल न लेते हुए स्कूल प्रशासन ने करीब 850 विद्यार्थियों का खाना वापस लौटा दिया। 

इसी तरह कई स्कूलों में बच्चों ने दोपहर का खाना लेने से इनकार कर दिया तो वहां से भी वाहन वापस लौटा दिए गए। बल्लभगढ़ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनीता शर्मा ने खाना लौटाए जाने की पुष्टी की है। 

जांच टीम ने किया किचन का निरीक्षण
फरीदाबाद तहसीलदार की अध्यक्षता में बनाई गई पांच सदस्यों की टीम ने बृहस्पतिवार देर शाम को ही सेक्टर सात स्थित इस्कॉन फूड रिलीफ  फांउडेशन के  सेक्टर सात स्थित किचन का निरीक्षण किया। इस दौरान किचन खाना बनाने वाले उपकरणों, बर्तनों, आरओ, वाटर टैंक, खाद्यान भंडार आदि में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, जो जिला उपायुक्त समीरपाल सरों को सौंपी जाएगी। 

रोजाना साढ़े दस बजे तक पहुंचने वाला मिड डे मील शुक्रवार को देरी से पहुंचा। जिसकी जानकारी जिला शिक्षा विभाग को दी गई। मिड डे मील प्रभारी ने भोजन को अच्छी तरह जांच कर विद्यार्थियों को बांटा। 
-बृजबाला, प्रिंसिपल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नंबर दो

जिले के सभी स्कूलो में मिड डे मील वितरण पर पूरी निगरानी की जा रही है। इसके लिए स्कूल प्रभारियों को निर्देशित कर दिया है। किसी भी प्रकार की शिकायत पर तुरंत विभाग को जानकारी देनी होगी। शुक्रवार को कोई शिकायत सामने नहीं आई। 
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-सतेंद्र कौर वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद
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