दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने जेएनयू हिंसा पर पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) और जेएनयू रजिस्ट्रार को समन कर 8 जनवरी तक जवाब मांगा है। अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने छात्राओं से मारपीट पर चिंता जताते हुए पूछा है कि कैसे हिंसा करने वाले कैंपस में घुसे, किस पर एफआईआर हुई, कितने गिरफ्तार हुए? साथ ही, 5 जनवरी से 6 जनवरी सुबह 7 बजे तक की सीसीटीवी फुटेज भी देने को कहा है।
स्वाति मालीवाल ने कहा कि छात्राओं से मारपीट चिंता का विषय है। जेएनयू हिंसा में दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय के कुलपति की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह जेएनयू परिसर में हिंसा हुई, वह पूरे देश को हैरान करने वाली घटना है। आयोग ने रजिस्ट्रार से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के बावजूद भीड़ को कैंपस में जाने देने, कैंपस में स्ट्रीट लाइट बंद करने, आरोपियों की पहचान, उन्हें सजा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। पुलिस से पूछा है कि किन कारणों से एंबुलेस व मीडियाकर्मियों को कैंपस में प्रवेश नहीं करने दिया गया और किन कारणों से भीड़ को अंदर आने से नहीं रोका गया।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन की तिथि 12 जनवरी तक बढ़ा दी है। इससे पहले रजिस्ट्रेशन की आखरी तारीख पांच जनवरी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों ने आईटी रूप पर कब्जा करके सर्वर रूम और बिजली सप्लाई बंद कर दी थी। सर्वर रूम के तार टूटने के चलते रजिस्ट्रेशन का काम प्रभावित हुआ है।
जेएनयू रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार की ओर से सोमवार को छात्रों के नाम पत्र लिखा गया है। इसमें रजिस्ट्रार ने लिखा है कि इंफोरमेशन एंड कम्यूनिकेशन सर्विस रूम में छात्रों ने कब्जा कर लिया था। गुस्साए छात्रों ने सर्वर रूम के साथ-साथ बिजल सप्लाई भी बंद कर दी थी। इसके अलावा सर्वर रूम की तारों को भी नुकसान पहुंचाया। दो दिन तक इंजीनियर सर्वर रूम व बिजली सप्लाई को ठीक करने में लगे रहे। इसके चलते विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन का काम प्रभावित हुआ था। इसलिये रजिस्ट्रेशन की तारीख आगे बढ़ाई गई है।