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Delhi NCR News: सत्य निकेतन हादसा नहीं भूले छात्र, सुरक्षित पीजी हॉस्टल का सवाल रहा प्रमुख

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पीजी-हॉस्टल से लेकर महिला सुरक्षा, मेट्रो पास और कॉलेज सुविधाओं तक के मुद्दों पर छात्र-छात्राओं ने डाले वोट
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बढ़ी हुई फीस भी छात्रों के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही

सचिन कुमार

नई दिल्ली। डूसू चुनाव में इस बार छात्रों के मुद्दे कॉलेज की चारदीवारी से बाहर तक नजर आए। साउथ कैंपस में मतदान के लिए पहुंचे छात्रों की बातचीत में सबसे अधिक चर्चा सत्य निकेतन हादसे की रही। पीजी में रहने वाले छात्रों ने सुरक्षित इमारत और बेहतर सुविधाओं की जरूरत बताई। वहीं, हॉस्टल की कमी, महिला सुरक्षा, मेट्रो पास, कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ी हुई फीस भी छात्रों के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे।
साउथ कैंपस में छात्रों के बीच सत्य निकेतन हादसा चर्चा का प्रमुख विषय रहा। पीजी में रहने वाले छात्रों का कहना था कि हादसे के बाद रहने के लिए जगह चुनते समय अब किराया, कॉलेज से दूरी और सुविधाओं के साथ इमारत की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो गई है। मोती लाल नेहरू कॉलेज के छात्र रमन ने कहा कि सत्य निकेतन का हादसा अभी भी याद है। उन्होंने कहा, हममें से बहुत से छात्र पीजी में रहते हैं। घर से दूर रहने पर यह चिंता रहती है कि जिस इमारत में रह रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं। इसलिए वोट डालते समय यह मुद्दा भी हमारे दिमाग में था।
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हॉस्टल की कमी भी बनी चिंता
दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल की कमी छात्रों के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय है। दूसरे शहरों से पढ़ाई के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है, लेकिन सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को पीजी में रहना पड़ता है। छात्रों ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि कैंपस के आसपास पर्याप्त और सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध होने से छात्रों को दूर-दराज के इलाकों में पीजी तलाशने की मजबूरी कम होगी। उनके मुताबिक, रहने की जगह का सीधा असर पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर पड़ता है।
छात्राओं ने उठाया सुरक्षा का मुद्दा
छात्राओं से बातचीत में महिला सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। छात्राओं ने कहा कि सुरक्षा केवल कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कॉलेज से पीजी और पीजी से कॉलेज आने-जाने वाले रास्तों पर भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। खासकर शाम के समय सुनसान रास्तों और आसपास के माहौल को लेकर चिंता जताई गई। राम लाल आनंद कॉलेज की छात्रा पूजा ने कहा, “सुरक्षा सिर्फ कॉलेज के अंदर नहीं होनी चाहिए। हम कॉलेज के बाहर भी रहते हैं और आते-जाते हैं। इसलिए आसपास का माहौल भी सुरक्षित होना जरूरी है।
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रियायती मेट्रो पास और सुविधाओं की मांग
दूरदराज से कॉलेज आने वाले छात्रों ने रियायती मेट्रो पास की मांग को भी अहम बताया। छात्रों का कहना था कि रोज मेट्रो से सफर करने में काफी खर्च होता है। रियायती पास मिलने से उनके परिवहन खर्च में कमी आ सकती है। इसके अलावा कक्षाओं, पुस्तकालय, शौचालय, पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की मांग भी सामने आई। डूसू चुनाव के दौरान साउथ कैंपस में छात्रों की बातचीत से यह स्पष्ट हुआ कि उनके मुद्दे सिर्फ चुनावी प्रचार या कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं थे, बल्कि सुरक्षित और सुविधाजनक छात्र जीवन से जुड़े सवाल भी मतदान के केंद्र में रहे।
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