परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
12वीं कक्षा के भौतिकी की परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने कहा कि पेपर बहुत ही बड़ा व कठिन बनाया गया था। इस वजह से परीक्षा में और तनाव हुआ। वहीं, हिंसाग्रस्त इलाकों से आने वाले छात्रों ने कहा कि हिंसा के कारण ठीक तरह से पढ़ाई नहीं हो सकी। इस कारण पेपर भी ज्यादा अच्छा नहीं हुआ है।
छात्रों की प्रतिक्रियाएं
हिंसा के कारण पढ़ाई पर अधिक प्रभाव पड़ा है। घर के बाहर ही हिंसा हो रही थी। इस कारण पढ़ाई भी अच्छी तरह से नहीं हो पाई। तनाव के कारण सिर्फ 70 फीसदी ही तैयारी हो पाई थी। जब भी पढ़ाई करने बैठती थी तो वही खौफनाक मंजर जहन में होता था। वहीं, पेपर भी बहुत मुश्किल व बड़ा था।
-वंशिका, मौजपुर
परीक्षा केंद्र पर मौजूद सुरक्षाकर्मी
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हिंसा के कारण ट्यूशन जाना भी छूट गया था। वहीं, घर में तनाव के कारण तैयारी नहीं हो पाती थी। आज भी आते हुए डर लग रहा था क्योंकि हमारे इलाके में अधिक हिंसा हुई। इसका सीधा असर हमारी पढ़ाई पर पड़ा है। हिंसा के कारण पहले ही अंग्रेजी का पेपर नहीं दे सकी थी।
-कंचन, चांदबाग
जिस प्रकार से तैयारी की थी, वैसा पेपर नहीं हुआ है। हालांकि, अपनी ओर से बेहतर पेपर किया है। कुछ सवालों ने अधिक देर तक उलझा कर रखा। इस वजह से अन्य सवालों पर कम समय दे सकी। उम्मीद है कि अच्छे अंक प्राप्त हो सके।
-जोया, गौतमपुरी
पुलिस की तैनाती के बीच अपनी सुरक्षा का भरोसा हुआ। पेपर ठीक हुआ है, लेकिन हिंसा के कारण मानसिक तनाव और बढ़ा है। मन में डर बना हुआ था कि फिर हिंसा न हो जाए। इस वजह से आज भी डर-डर कर घर से निकली हूं।
-इल्मा, गौतमपुरी