जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली के लिए आंदोलन जारी है। जामिया कैंपस का बाहरी हिस्सा छावनी में तब्दील किया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की है। जिससे किसी भी प्रकार का गैर कानूनी जमावड़ा न लग सके। वहीं जामिया प्रशासन ने बाहरी प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों की किलेबंदी की। इस बीच छात्रों पर जामिया में तोड़फोड़ का आरोप लगा है।
आरोप है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में रात को छात्रों ने तोड़फोड़ की। संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। बॉयज हॉस्टल के छात्रों पर आरोप है। परिसर में जबरन घुसने के लिए उत्पात मचाया।
12 अक्तूबर से आंदोलन है जारी
जामिया में 12 अक्तूबर से चुनाव को लेकर आंदोलन जारी है। जामिया में वर्ष 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव का आयोजन नहीं हुआ है। सोमवार को प्रशासन ने छात्रों से समझौता होने पर उनकी मांगों को देखते हुए छात्र संघ का संविधान मंजूर होने की तारीख से 15 दिन में चुनाव कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित करने को लेकर आदेश जारी किया था। मगर, कुछ घंटे बाद ही छात्रों ने इस समझौते को नामंजूर कर दिया। चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं।