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इस स्कूल में बच्चे मिडडे मील देखते ही बस्ते में से निकाल लेते हैं अपना टिफिन

Thu, 02 Mar 2017 05:10 PM IST
सिद्धार्थ शाह/अमर उजाला, फरीदाबाद
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file photo - फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद। सरकार की मिड डे मील योजना मजाक बनती जा रही है। निर्धारित मैन्यू में दलिया, पुलाव एवं खिचड़ी को बच्चों द्वारा पंसद नहीं किया जा रहा है। जिस दिन दलिया, पुलाव या खिचड़ी बनती है, उस दिन बच्चे घर से भोजन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
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ऐसे में इस योजना की महज खानापूर्ति की जा रही है। वहीं सप्ताह के मैन्यू से इस बार तो स्वीट डिश भी गायब कर दी है। स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शुरू की गई मिड डे मील योजना के तहत शहर में इस्कॉन संस्था की तरफ से भोजन वितरित किया जा रहा है।

पहले बच्चों को सप्ताह में एक बार खीर दी जाती थी, लेकिन शिकायत के बाद इसे भी बंद कर दिया है। सेक्टर 21 सी स्थित प्राथमिक पाठशाला के कक्षा चार की सुनीता, कक्षा पांच की दिव्या, कक्षा तीन की रेखा ने बताया कि हमें दलिया तो बिल्कुल पसंद नहीं है।
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पुलाव एवं खिचड़ी से मन भर गया है

file photo
पुलाव एवं खिचड़ी से मन भर गया है। इसलिए इन दिनों घर से खाना लेकर आते हैं। स्कूल को भी सब पता है। एक स्कूल से मिली जानकारी के अनुसार खीर में छिपकली मिलने के बाद से स्वीट डिश को बंद कर दिया गया है। हालांकि, शिक्षा विभाग स्वीट डिश बंद होने की वजह न मालूम होने की बात कह रहा है। 

स्कूलों द्वारा मिड डे मील मैन्यू का प्रतिमाह फीडबैक दिया जाता है। लेकिन इस फॉर्म में सिर्फ उत्तम, अति उत्तम एवं सर्वोतम तीन श्रेणी हैं। भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर कौनसा विकल्प चुनें। इस पर स्कूल प्रबंधन में संशय बना हुआ है। खराब भोजन को लेकर कोई विकल्प नहीं दिया है। 

इस्कॉन संस्था की तरफ से डेढ़ साल बाद बृहस्पतिवार को स्कूलों में खीर बांटी गई। वह भी छात्र संख्या के मुकाबले कम मात्रा में दी गई। ऐसे में बच्चे मीड डे मिल प्रभारी से नाराजगी जताते नजर आए।

फीडबैक में खराब खाने का विकल्प ही नहीं

file photo
50 विद्यार्थियों पर एक डिब्बा खीर दिए जाने की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन कहीं सात की जगह पांच डिब्बे, तो कही 12 की जगह 8 डिब्बे देकर इस्कॉन ने काम निपटाया। अजरौंदा प्राथमिक पाठशाला में कक्षा चार के विद्यार्थियों समेत 100 से अधिक बच्चों को खीर नसीब नहीं हो सकी।

दो साल बाद खीर मिलने के कारण स्कूल में व्यवस्था बिगड़ गई। मिड डे मील प्रभारी भी बच्चों को संभाल नहीं सके। ऐतमादपुर स्कूल में 40 विद्यार्थियों को खीर नहीं मिली। शिक्षकों ने बताया कि यह कितने दिन दी जाएगी, यह कुछ कह नहीं सकते हैं।       
 
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बच्चों के पसंद की नहीं ली जाती जानकारी

स्कूल के अधिकांश छात्र अभिभावकों के पास शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें कढ़ी-चावल के अलावा दोपहर के भोजन में कुछ नहीं दिया जाता है। - फोटो : डेमो पिक
अधिकांश बच्चे अपने माता पिता के काम पर जाने एवं मजबूरी के कारण मिड डे मील का भोजन ले रहे हैं।  जिनके लिए भोजन तैयार किया जा रहा है, उनकी पसंद के बारे में जानकारी नहीं ली जा रही है। 
-मंजीत सिंह, शिक्षाविद, प्राथमिक शिक्षा 

साप्ताहित भोजन सूची में स्वीट डिश नहीं है। फीडबैक फार्म में तीन विकल्प दे रखे हैं, चौथा विकल्प भी होना चाहिए। बच्चों को दलिया बिल्कुल पसंद नहीं है। विभाग को अवगत कराया गया है। 
-चत्तरसिंह, प्रधान, हरियाणा शिक्षक संघ

खीर में कुछ गिर जाने की सूचना मिली थी। पर क्या गिर गया था, यह पता नहीं है। सप्ताह में एक दिन स्वीट डिश होनी चाहिए। दलिया बच्चे पसंद नहीं कर रहे हैं। बच्चों से हुई बात से विभाग को अवगत करा दिया है। मैन्यू की गुणवत्ता खराब है तो पता किया जाएगा।
-मुनेश चौधरी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद

मिड डे मील के तहत विद्यार्थियों को खीर कम दी गई है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। पता करके संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।       
-सतेंद्र कौर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद      
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