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नशे की हालत में घर पहुंचे छात्र की मौत, नाइजीरियाई युवकों पर नशीले इंजेक्शन देने का आरोप

Sun, 26 Mar 2017 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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रात भर गायब रहे एनएसजी सोसायटी निवासी 12वीं के छात्र की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। छात्र नशे की हालत में घर पहुंचा था और खून की उल्टी होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले पांच नाइजीरियाई युवकों पर अपहरण कर नशीले इंजेक्शन देने का आरोप लगाया। कासना कोतवाली के एसएसआई गंगा सहाय सत्संगी नेे बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट औैर परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मूलरूप से गुलावठी (बुलंदशहर) केे गांव शेरपुर निवासी किरनपाल सिंह कई वर्षों सेे शहर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं और परिवार समेत एनएसजी सोसायटी में रहते हैं। किर पाल  का बड़ा बेटा मनीष खारी जेपी इंटरनेशनल स्कूल में 1 वीं कक्षा का छात्र था।
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शुक्रवार शाम सात बजे खाना खाने के बाद मनीष छोटे भाई हर्ष के साथ टहलनेे के लिए घर से निकला। बाहर निकलने पर हर्ष ने मनीष से कहा कि वह पापा को बुलाकर लाता है। कुछ देर बाद जब हर्ष और किरनपाल सिंह घर के बाहर आए तो वहां मनीष नहीं था।

हर्ष नेे बताया कि जब वह भाई मनीष के साथ घर से बाहर आया था तो एक कार के पास कुछ नाइजीरियाई युवक खड़े थे, लेकिन लौटने पर न तो मनीष और न ही नाइजीरियाई युवक वहां मिले। इससे परिजनों को उन पर शक हो गया। कुछ नाइजीरियाई युवक किरनपाल सिंह के पड़ोस में रहते हैं।

देर रात तक भी जब मनीष का कोई अता-पता नहीं चला तो परिजन व सोसायटी के लोगों ने नाइजीरियाई युवकों पर आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस पांच नाइजीरियाई युवकों को पूछताछ के लिए कासना कोतवाली ले आई।

इधर, मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे सोसायटी के लोगों को मनीष नशे की हालत में घर की ओर आता दिखाई दिया। बताया गया कि घर पहुंचने के बाद मनीष ने बताया कि वह नशे की हालत में पी-3 सेक्टर स्थित झाड़ियों में पड़ा था। इसके कुछ देर बाद मनीष को खून की उल्टी होने पर परिजन उसेे अस्पताल ले गए। शाम करीब 4 बजे उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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ड्रग्स के इंजेक्शन से हुई मौत

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मनीष के एक भाई उत्तम ने बताया कि जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि मनीष को ड्रग्स के इंजेक्शन दिए गए। उसके हाथ पर इसके निशान भी मिले। मनीष जिस समय घर पहुंचा था, वह नंगे पैर था और पैर में भी चोट लगी थी।

इधर शनिवार को मनीष के घर लौटनेे के बाद कुछ नाइजीरियाई छात्र और युवक कोतवाली पहुंचे और सोसायटी के लोगों पर झूठा आरोप लगाकर मामले में फंसाने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने रात को पूछताछ के लिए लाए नाइजीरियन युवकों को छोड़ दिया।

हालांकि उत्तम ने बताया कि पुलिस ने फिर से दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। परिजनों ने बताया कि मनीष को कई वर्षों से यूरिन प्रॉब्लम थी। इसके चलते दो माह पहले उसका ऑपरेशन कराया गया था। वह अभी पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं हुआ था और ज्यादा पैदल नहीं चल सकता था। मनीष किसी भी तरह का नशा भी नहीं करता था। 

नाईजीरियाई नागरिकों पर पहले भी लगते रहे हैं आरोप
यह पहला मामला नहीं, जब नाईजीरियाई नागरिकों पर आरोप लगा। पांच माह पहले एक ऑटो चालक से किराये को लेकर हुए विवाद के बाद एक नाइजीरियाई युवक ने उसका कान काट लिया था। कई घंटे तक ढूंढने के बाद उसका कान मिला था और पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की थी।

वहीं डेढ़ माह पूर्व कमर्शियल बेल्ट स्थित एक मेडिकल स्टोर के सेल्समैन की दो नाईजीरियाई युवकों ने पिटाई कर दी थी। वहीं केन्या की युवती नेे नौकरी का झांसा देकर भारत बुलाने और वीजा-पासपोर्ट छीनकर एक साल तक दुष्कर्म करने का आरोप में एक  नाइजीरियन युवक को जेल भेजा गया था। बताया गया है कि शहर में बड़ी संख्या में नाइजीरियन रहते हैं। इनमें से कई  आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। शहर में नशाखोरी और धोखाधड़ी के अलावा उनके द्वारा अमानवीय हरकत के कई मामले में प्रकाश में आ चुके हैं।
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