मयूर विहार फेज एक स्थित एल्कॉन पब्लिक स्कूल की छात्रा की खुदकुशी के मामले की गूंज दिल्ली विधानसभा में भी सुनाई दी। शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने सदन को बताया कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
रिपोर्ट में स्कूल के खिलाफ कुछ आया तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वह सदन में विपक्ष नेता विजेंद्र गुप्ता के सवाल का जवाब दे रहे थे। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस मामले में पुलिस के साथ विभाग भी जांच करे और तीन दिन में रिपोर्ट सौंपे।
मनीष सिसोदिया ने सदन में कहा कि छात्रा ने आत्महत्या की है। फिलहाल शिक्षा निदेशालय के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। रिपोर्ट आते ही इसे सदन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के मुताबिक, बच्ची स्कूल में प्राइमरी से पढ़ रही थी।
छात्रा को 16 मार्च को रिपोर्ट कार्ड दिया गया। साइंस व सोशल साइंस में कंपार्टमेंट थी। रिपोर्ट कार्ड मिलने के बाद से वह स्कूल नहीं आ रही थी। परिजनों का आरोप है कि लड़की के साथ छेड़छाड़ जैसी घटना हुई थी।
अभी इस पर पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल के मुताबिक 240 बच्चे हैं, जिनमे से 28 की कंपार्टमेंट आई है। उन्होंने कहा कि 11 से 15 साल के बच्चे स्लीपिंग डिसऑर्डर के शिकार हैं। 6 से 11 साल के बच्चे समय से नहीं सोते। इसके पीछे एकेडमिक्स व पारिवारिक दबाव बड़ी वजह है। सवाल है कि बच्चों पर दबाव कौन बना रहा है।
स्कूल प्रशासन ने खारिज किए परिजनों के आरोप
छात्रा के परिजनों ने इस मामले में दो अध्यापकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। एल्कॉन स्कूल के प्रिंसिपल ने परिजनों के आरोपों से इंकार किया है। प्रशासन का कहना है कि छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई।
छात्रा के आत्महत्या करने पर दु:ख जताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार की तरफ से छेड़छाड़ को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली। परिवारवाले गलत आरोप लगा रहे हैं। स्कूल में इस तरह की कोई घटना पहले नहीं हुई। छात्रा की कंपार्टमेंट थी, लिहाजा उसकी दोबारा परीक्षा होनी थी।