हाइमास्ट लाइट के पोल में करंट लगने से हुई छात्र की मौत से पूरी सेक्टर-82 की स्वर्णिम विहार सोसायटी के लोगों में आक्रोश है। पोल के आसपास ही करीब 50 से 80 बच्चे खेलते रहते हैं। हादसे के दिन बुधवार को गनीमत रही कि फुटबाल खेल रहे अन्य बच्चों ने पोल को नहीं छुआ। अगर अन्य बच्चे पोल को छू लेते तो बड़ी घटना हो सकती थी।
सोसायटी वासियों का आरोप है कि यह लापरवाही प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारियों की है। मामले की शिकायत सोसायटी के लोगों ने प्राधिकरण और मुख्यमंत्री को ट्वीट करके की है। दरअसल, सोसायटी के पार्क के बीच पोल लगा हुआ है। दो माह से हाइमास्ट लाइट खराब थी जिससे पोल में करंट भी नहीं था। बच्चे अक्सर पार्क में खेलते थे और पोल का चबूतरा बना होने से वहीं पर बैठते थे। पानी की बोतल व अन्य सामान बच्चे उसी पोल के पास ही रखते थे।
दो माह से लाइट खराब होने से बच्चों को उससे डर नहीं था। हालांकि, सोसायटी के लोग बच्चों को ऐसा करने से रोकते थे। बुधवार को प्राधिकरण के कर्मचारी हाइमास्ट लाइट को ठीक कर गए, लापरवाही के कारण पोल में करंट उतर आया। इस बात की जानकारी न तो सोसायटी के किसी व्यक्ति को थी और न ही बच्चों को। रोजाना की तरह बच्चे पार्क में खेल रहे थे और इस तरह की बड़ी घटना हो गई।
सोसायटी निवासी एनपी शर्मा ने बताया कि सोसायटी के लोगों ने प्राधिकरण से कई बार शिकायत की थी। इसके बाद लाइट ठीक कर दी गई, लेकिन प्राधिकरण कर्मचारियों की लापरवाही से करंट उतर आया था। बच्चे की मौत के लिए प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी ही जिम्मेदार हैं। इस मामले की शिकायत प्राधिकरण के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री को ट्वीट करके की गई है। वहीं, शैलेंद्र कुमार ने बताया कि हारून कादरी परिवार को नोएडा में करीब 13 साल पहले लाए थे। बेटे का जन्म भी यहीं हुआ था।
शहर के 700 पार्कों में कभी भी हो सकती हैं घटनाएं
नोएडा प्राधिकरण के करीब 700 पार्क शहर में हैं। इनका रखरखाव ठेकेदारों को दे रखा है, लेकिन सुरक्षा संबंधित जिम्मेदारी किसी पर नहीं है। अगर प्राधिकरण की ओर से ठेकेदारों को सुरक्षा संबंधित निर्देश दिए गए होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। करीब 8 माह पहले भी पार्क में एक व्यक्ति को करंट लग गया था।
हमजा की मौत पर सभी की आंखे थीं नम...
हमजा की मौत की जानकारी जैसे ही परिजनों और रिश्तेदारों को मिलनी शुरू हुई तो सुबह से ही घर पर लोगों का जमावड़ा लगने लगा था। सभी की आंखें नम थीं। सभी प्राधिकरण अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी बता रहे थे। इकलौते बेटे की मौत के बाद हमजा की मां इरफाना सदमे में हैं।