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मेट्रो की एक्वा और ब्लू लाइन के बीच बनेगा वॉक वे, सड़क पार करने से मिलेगी मुक्ति

Fri, 10 Aug 2018 09:04 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
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Aqua Line Metro
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एक्वा लाइन पर ग्रेनो मेट्रो और ब्लू लाइन पर सेक्टर-62 मेट्रो के बीच वॉक वे बनाया जाएगा। यह एक्वा लाइन पर सेक्टर-71 और ब्लू लाइन पर सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ेगा। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यहां स्काई वॉक बनाने में नीचे की व्यावसायिक जमीन का मामला सामने आ रहा है।

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इसे बनने में अभी काफी वक्त है। कोशिश यह है कि व्यावसायिक इमारत बनाने के बाद उसके बीच से स्काई वॉक बनाया जाएगा, लेकिन इसमें लंबा समय लगेगा। लिहाजा, इससे पहले वॉक वे से मेट्रो का काम आसान हो जाएगा। अधिकारियों की मानें तो नीचे से ही सड़क मेट्रो के यात्रियों के लिए खास तौर पर बनाई जाएगी। दोनों ही मेट्रो स्टेशन सड़क के एक ही ओर है। लिहाजा, यात्रियों को सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ग्रेटर नोएडा से पूरी दिल्ली हो जाएगी कनेक्ट
एक्वा लाइन पर ग्रेनो मेट्रो और ब्लू लाइन पर सेक्टर-62 तक मेट्रो के शुरू होते ही ग्रेटर नोएडा से मेट्रो से पूरी दिल्ली कनेक्ट हो जाएगी। यात्री अगर चाहें तो ग्रेटर नोएडा से एयरपोर्ट, फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली के कोने-कोने तक जा सकते हैं। एक्वा लाइन और ब्लू लाइन के बीच स्काई वॉक बनने तक यात्री को केवल इन दोनों स्टेशनों पर उतर कर 100 मीटर पैदल चलना पड़ेगा। मेट्रो की समीक्षा के दौरान ड्रोन से एक फिल्म भी बनाई गई।
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चीन के बने कोच में मेड इन इंडिया सिस्टम
मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए चीन से बने कोच में मेड इन इंडिया एसी सिस्टम को लगाया गया है। ट्रेन को आगे बढ़ाने वाला यंत्र भी मेड इन इंडिया होगा। इसका मकसद स्वदेशी को बढ़ावा देना है।

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...तो दिल्ली से आगरा तक बन जाती दो लेन की सीसी रोड
मेट्रो के अधिकारियों की मानें तो 30 किलोमीटर के सिविल वर्क के दौरान यू-गर्डर, वायाडक्ट, 21 स्टेशनों का काम, 25 हेक्टेयर में फैला डिपो, 260 स्टाफ क्वार्टर आदि को बनाने में जितना मैटेरियल लगा हुआ है। इससे दिल्ली से आगरा तक दो लेन की सीसी रोड तैयार हो जाती। यही नहीं 30 किलोमीटर के दायरे में बिछाई गई ट्रैक और ऊपर लगे बिजली के तार के अलावा सब स्टेशनों से कनेक्ट की गई तारों को अगर एक साथ जोड़ दें तो यह दिल्ली से मेरठ तक 66 किलोमीटर के दायरे में चली जाएंगी।

दिल्ली-एनसीआर में दूसरे सबसे ऊंचे प्वाइंट पर होगी मेट्रो
ग्रेनो मेट्रो में एक स्थान पर मेट्रो 23 मीटर की ऊंचाई पर होगी, जो दिल्ली-एनसीआर में दूसरा सबसे ऊंचाई वाला प्वाइंट होगा। इससे पहले धौला कुंआ में मेट्रो 25 मीटर ऊंचाई तक गई है।

कंपनी परिसर तक बना है एफओबी
एनएसईजेड में जो लोग काम कर रहे हैं। उनको दादरी रोड स्टेशन आने के लिए पूरा दादरी रोड को पार करना होगा। लिहाजा वहां से एक एफओबी को कनेक्ट किया गया है जो कि एनएसईजेड के लोगों के लिए होगा, जिससे ऊपर ही ऊपर स्टेशन तक आ सकते हैं। इसी तरह से कई आवासीय सोसाइटियों और मॉल तक इसे कनेक्ट करने की योजना है।

इतना हुआ काम
ग्रेनो मेट्रो के सिविल का 99 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल का 92 प्रतिशत, सिग्नलिंग और टेलिकॉम का 80 प्रतिशत, ट्रैक का 100 प्रतिशत, रोलिंग स्टॉक 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ओवर ऑल ग्रेनो मेट्रो का 87 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है। वहीं वित्तीय प्रगति 73 प्रतिशत है। मेट्रो से लास्ट माइल कनेक्टिविटी की कोशिश की जा रही है। प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर का काम सभी 21 स्टेशनों पर पूरा हो चुका है।
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