शादीपुर, नारायणा, मंगोलपुरी, लाजपत नगर और सराय काले खां समेत पुराने फ्लाईओवरों की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी में 15 साल से अधिक पुराने 44 फ्लाईओवरों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराएगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को कहा कि पुराने और कमजोर हो चुके फ्लाईओवरों की मरम्मत हो सकेगी।
विभाग इसके लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त करेगा, जो सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि कई फ्लाईओवर डेढ़ दशक से अधिक समय से दिल्लीवासियों की सेवा कर रहे हैं और प्रतिदिन लाखों लोग इनका उपयोग करते हैं। ऐसे में उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करना जरूरी है। ऑडिट के बाद सबसे पुराने फ्लाईओवरों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की जाएगी। विशेष रूप से साल 2000 से पहले बने फ्लाईओवरों पर पहले काम शुरू करने की योजना है।
जल्द तैयार होगी डीपीआर
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कंसल्टेंसी सेवाओं के तहत टोपोग्राफिकल सर्वे, भू-तकनीकी जांच और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद आवश्यक स्वीकृतियां लेकर निविदाएं जारी की जाएंगी। विभाग के मुताबिक, मरम्मत के लिए जिन प्रमुख फ्लाईओवरों को चिह्नित किया गया है, उनमें शादीपुर, नारायणा, मंगोलपुरी, लाजपत नगर और सराय काले खां फ्लाईओवर शामिल हैं। दिल्ली में पीडब्ल्यूडी लगभग 1,400 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का रखरखाव करता है। सरकार पहले ही वर्ष 2026 तक करीब 600 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और सुधार का लक्ष्य घोषित कर चुकी है। अब फ्लाईओवरों के ऑडिट और मरम्मत की इस पहल को राजधानी के सड़क ढांचे को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।