लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कई दिन से प्रदर्शन कर रहे हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों ने रविवार से हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कोविड वार्ड में उपचार रोक
शनिवार देर रात और रविवार सुबह अस्पताल में भर्ती 25 संक्रमित मरीजों को लोकनायक और अरुणा आसफ अली अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि 3 मरीज अभी भी हिंदूराव
के आईसीयू में भर्ती हैं। महापौर जयप्रकाश ने बताया कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) से मांग की गई थी कि यहां से कोविड-19 सेवाओं को हटा लिया जाए। यह बड़ा
अस्पताल है और यहां काफी कम संख्या में मरीज आ रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसे सामान्य अस्पताल में बदलने की सहमति पर रविवार
को सैनिटाइजेशन किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही यहां सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
वेतन नहीं तो काम भी नहीं
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. सागर का कहना है कि जब तक उन्हें लंबित वेतन नहीं मिलेगा वे काम पर नहीं लौटेंगे। रविवार से डॉक्टरों ने सेवाएं बंद कर दी। आईसीयू में
जो 3 मरीज भर्ती हैं उन्हें सीनियर डॉक्टर के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिना वेतन घर चलाना मुश्किल हो गया है।
दिल्ली सरकार ने कराई हड़ताल : महापौर
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश का कहना है कि कुछ लोग हैं जो आप पार्टी की सरकार के बहकाने पर हड़ताल कर रहे हैं, जबकि अन्य सभी सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टरों के