गैस वितरक मार्केंटिंग डिस्पेलनरी गाइडलाइंस (एमडीजी) के विरोध में 25 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
ऐसे में गैस न मिलने पर उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए उपभोक्ताओं को हड़ताल से पूर्व ही रसोई गैस का इंतजाम करना होगा।
शहर में 44 गैस एजेंसियों में रोजाना 20 हजार गैस सिलेंडराें की खपत होती है। इस हड़ताल से करीब पांच लाख उपभोक्ताआें को परेशानी उठानी पड़ेगी।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन मार्केंटिंग डिस्पेलनरी गाइडलाइंस (एमडीजी) के थोपे जाने से नाराज हैं। नई गाइडलाइंस के मुताबिक सिलेंडर में घटतौली, सप्लाई प्रभावित होने या फिर सिलेंडर की सील टूटने की जिम्मेदारी गैस वितरकों की होगी।
इस संबंध में शिकायत मिलने पर वितरकों का आधे माह का कमीशन कट जाएगा। वितरक इस एकतरफा कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। डिस्ट्रिक्ट एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष इरेश कुमार ने बताया कि जिले की 44 गैस एजेंसी संचालक हड़ताल में शामिल हैं।
केंद्र सरकार कंपनियों के दबाव में काम कर रही है। कंपनियाें से सिलेंडर पैक होकर एजेंसी आते हैं, फिर एजेंसी वितरित करती है। किसी भी पैक्ड वस्तु की जिम्मेदारी कंपनी पर रहती है। जबकि एमडीजी गाइडलाइंस में ऐसा कुछ नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि गैस की कमी होती है तो भी कंपनी जिम्मेदार नहीं है। यह एकतरफा कार्रवाई उत्पीड़न करने वाली है। लिहाजा गैस वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
इधर, वर्तमान में गैस का बैकलॉग 5 से 10 दिन का चल रहा है। हड़ताल तीन दिन खिंची तो बैकलॉग बढ़कर एक माह का हो जाएगा।