मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा वेतन के लिए लोन देने के एलान और काम पर लौटने की अपील का नगर निगम के कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। कर्मचारी पिछले आठ दिनों की भांति नौंवे दिन भी हड़ताल पर रहे।
रोजाना की भांति बृहस्पतिवार को भी काम बंद कर नगर निगम के कार्यालयों और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया। सिविक सेंटर के अंदर व बाहर भी खूब हंगामा किया।
कर्मचारी हड़ताल खत्म करने के लिए तैयार नहीं है। सिविक सेंटर में कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि वे राजस्व की कमी का स्थायी समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। लोन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
केंद्र सरकार को विशेष आपात पैकेज देना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को समस्त बकाया वेतन, बोनस, एरियर, पेंशन तुरंत मिल सके। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि जब तक तीन नगर निगम रहेंगे, उनकी समस्या खत्म नहीं हो सकती। इसलिए तीनों नगर निगम का विलय किया जाए।
दिल्ली और केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी
सिविक सेंटर में उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सभी कर्मचारियों ने ए ब्लॉक के समक्ष एकत्रित होकर नगर निगम, दिल्ली और केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
इसके अलावा कर्मचारियों ने सदन की बैठक के दौरान दो बजे चौथी मंजिल पर सभागार के बाहर भी नारेबाजी की। इस कारण सभागार के सभी दरवाजे अंदर से बंद कर दिए गए।
उधर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने शाहदरा दक्षिण जोन के कार्यालय पर ताला लगा दिया। शाहदरा उत्तरी जोन के कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
गांधी नगर में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतलों की शव यात्रा निकाली और श्मशान घाट पर सांकेतिक अंतिम संस्कार किया। इसके चलते यहां काफी देर तक जाम लगा रहा।
सफाई कर्मचारियों ने एनएच-एक पर लगाया जाम
नरेला जोन के सफाई कर्मचारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-एक जीटी करनाल रोड पर चक्का जाम किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए, जिस कारण रोड पर काफी लंबा जाम लग गया। इसके बाद दिल्ली सरकार का पुतला दहन किया और भीख मांगी।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के रोहिणी जोन के शिक्षकों ने जोनल कार्यालय से मधुबन चौक तक मार्च किया। यहां जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। इसके चलते इलाके की सभी सड़कों पर जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। उधर, शिक्षकों के समर्थन में अभिभावक भी आ गए हैं। ऑल दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षकों को चिट्ठी भेजकर उनकी हड़ताल का समर्थन किया।
नगर निगम के कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध के तौर पर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को वह रुपये भेजे हैं, जो उन्हें सिविक सेंटर से लेकर राजघाट तक मार्च करने के दौरान भीख में मिले थे। इसमें मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के पास 2812-2812 रुपये के दो ड्राफ्ट भेजे गए हैं।