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Delhi NCR News: निकोटीन गम पर सख्ती से धूम्रपान छोड़ना हो सकता है कठिन

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- विशेषज्ञों की चेतावनी, उपलब्धता घटने से लोग फिर सिगरेट की ओर लौट सकते हैं
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। धूम्रपान छोड़ने में सहायक निकोटीन गम और लॉजेंज जैसे उत्पादों की उपलब्धता पर सख्ती बढ़ाने के प्रस्ताव ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने सिफारिश की है कि इन उत्पादों को बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचे जाने पर रोक लगाई जाए। प्रस्ताव के अनुसार, केवल बिना स्वाद वाली 2 मिलीग्राम निकोटीन गम को सीमित छूट दी जा सकती है, जबकि अन्य गम, लॉजेंज और निकोटीन पैच पर नियंत्रण कड़ा किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे धूम्रपान छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीएसआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी के अध्यक्ष और एम्स के पूर्व विशेषज्ञ प्रो. जीसी खिलनानी के अनुसार, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) धूम्रपान छोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शरीर को नियंत्रित मात्रा में निकोटीन देकर सिगरेट छोड़ने पर होने वाली बेचैनी और चिड़चिड़ापन को कम करती है।
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कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका चौधरी बिंदू का कहना है कि अगर इन उत्पादों की उपलब्धता सीमित हो गई, तो कई लोग दोबारा सिगरेट की ओर लौट सकते हैं। भारत में हर साल करीब 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है, ऐसे में धूम्रपान छोड़ने के विकल्पों को आसान बनाना बेहद जरूरी है।
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