मैं उनको कंट्रोल करने गई थी। लेकिन जब मैं मौके पर पहुंची तो भीड़ बहुत गुस्से में थी। मैंने बहुत कोशिश भी की। चूंकि अब पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश हो गए हैं, लिहाजा अब पूरे मामले की जानकारी न्यायिक जांच कमेटी के सामने ही रखूंगी। यह कहना है उत्तरी जिला डीसीपी मोनिका भारद्वाज का।
तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों व पुलिस के बीच हुई झड़प का बृहस्पतिवार को एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में दिख रहा है कि डीसीपी मोनिका भीड़ को हिंसा नहीं करने के लिए कह रही हैं।
पूरे मामले पर अमर उजाला ने डीसीपी मोनिका भारद्वाज से बात की। डीसीपी मोनिका ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंची। भीड़ ज्यादा थी। ऐसे में वह भीड़ को बार- बर कंट्रोल करने की कोशिश करती रही।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि डीसीपी मोनिका वकीलों से हाथ जोड़कर विनती कर रही हैं। वहीं उनकी टीम द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने करते हुए देखा जा सकता है। वकीलों द्वारा महिला पुलिस अधिकारी और उनकी टीम को धक्का देकर भागते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में पीछे वाहन जलते हुए दिख रहा है।
जेल वैन पार्किंग के लिए रिजर्व जगह पर वकील द्वारा कार खड़ी करने को लेकर तीस हजारी बवाल हुआ था। इस बवाल में 21 पुलिसकर्मी व पांच वकील घायल हो गए थे।
इस मामले में हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी मामले की जांच कर रही है। तीस हजारी बवाल में कुल सात एफआईआर हुई हैं। इनमें से पांच वकीलों , एक जज और एक दिल्ली पुलिस के जवान की शिकायत पर दर्ज हुई र्है।