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पढ़िए, सुनंदा के आखिरी 72 घंटों की अनकही दास्तान

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सुनंदा पुष्कर की जिंदगी के आखिरी 72 घंटे उथल-पुथल भरे रहे। अगर इन 72 घंटे में उनके साथ हुई घटनाओं को ध्यान से जाना जाए, तो उनकी मौत से जुड़े कई राज खुलते नजर आएंगे।
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मौत के पहले के उन 72 घंटों में उनका, उनके पति शशि थरूर (एयरपोर्ट पर थरूर को थप्पड़ मारने की भी खबर) के साथ सारी रात झगड़ा हुआ था। ये जानकारियां दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में शामिल हैं।

पिछले साल 15 जनवरी को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित लीला पैलेस होटल में सुनंदा पुष्कर अकेले पहुंची। जबकि उसी दिन सुनंदा पुष्कर और शशि थरूर विदेश से दिल्ली साथ-साथ लौटे थे। असल में उनके बीच झगड़े की शुरुआत हवाई जहाज में ही हो गई थी।
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मनीष तिवारी के सामने हुआ था झगड़ा

एयरपोर्ट पर दोनों के बीच काफी कहा-सुनी हुई। हवाई जहाज में उनके बीच हुई झड़प के गवाह खुद तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी हैं जो खुद भी उसी जहाज में यात्रा कर रहे थे।

मामले में लीला पैलेस के कर्मचारियों ने दिल्ली पुलिस को बताया कि 15 जनवरी को जब सुनंदा होटल पहुंची तो काफी उदास थीं और उनके चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा था।

उस दिन उन्होंने कुछ खाया भी नहीं। सूत्रों के मुताबिक घर में रंग-रोगन का हवाला देकर थरूर भी एक दिन बाद उसी होटल में रहने पहुंच गए। होटल के सूत्रों के मुताबिक थरूर के वहां पहुंचने पर दोनों होटल के कमरा नंबर 345 में शिफ्ट हो गए।

फिर सारी रात होती रही नोंकझोंक-झगड़ा

जानकारी के मुताबिक 16 जनवरी की रात होटल के कमरा नंबर 345 से जोर-जोर से आवाजें आती रहीं। जो सुबह करीब 6:30 बजे शांत हुईं। होटल स्टॉफ के मुताबिक उस रात सुनंदा और शशि में सारी रात झगड़ा होता रहा। सुबह करीब 6:30 बजे सुंनदा सोने चली गईं।

जबकि शशि थरूर करीब सात बजे दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम आयोजित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की बैठक में शामिल होने चले गए। थरूर के सचिव नारायण स्वामी की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में उसने 17 की दोपहर सुनंदा को आखिरी बार देखा था। कांग्रेस की बैठक से उसी दिन शाम करीब 6:30 बजे थरूर होटल वापस लौटे।

सूत्र बताते हैं कि तब उनके सचिव नारायण स्वामी ने थरूर से 'मैडम' को जगाने के बारे में पूछा था। थरूर ने सुनंदा को जगाने से मना कर दिया। थरूर ने कहा कि वह पूरी रात जगी हैं और काफी देर से सोई हैं, उन्हें सोने दें।
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क्या सुनंदा की लाश के साथ थे थरूर!

इसके बाद शशि थरूर और सुनंदा शाम करीब 6:30 बजे एक ही कमरे में रहे। करीब 8:30 बजे पुलिस को सुनंदा के मरने की खबर दी गई।

जानकारी के मुताबिक उसी शाम थरूर दोबारा होटल से बाहर जाने से पहले फ्रेश हुए और कॉफी भी पी। जाने से पहले उन्होंने सुनंदा को जगाने के लिए आवाज दी। कई बार आवाज लगाने के बाद भी सुनंदा की ओर से कोई जवाब नहीं आया।

सुनंदा का शरीर एक चादर से ढका हुआ था और उनमें कोई भी हलचल नहीं हो रही थी। इसके बाद थरूर ने अपने निजी सचिव अभिनव कुमार को इसकी जानकारी दी। अभिनव ने मौके पर पहुंच कर डॉक्टर बुलाया।

डॉक्टर ने सुनंदा का ईसीजी कराया और उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अभिनव ने फोन पर क्षेत्र के एसएचओ को सुनंदा की मौत की खबर दी।
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