आंधी और बारिश से शुक्रवार शाम आई आफत ने एक किशोरी समेत तीन लोगों की जान ले ली, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग जख्मी हो गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग उखड़ने से बिजली लाइनें ध्वस्त हो गईं, जिसके एनएच 24 और 58 के अलावा कई जगह ट्रैफिक जाम हो गया।
रेलवे के सिग्नल सिस्टम में खराबी और साहिबाबाद-शाहदरा के बीच हाईवोल्टज लाइन क्षतिग्रस्त होने से पांच घंटे तक दिल्ली-हावड़ा, लखनऊ और सहारनपुर रेलमार्ग ठप रहा। इससे लंबी दूरी की ट्रेनें जहां की तहां खड़ी रहीं। बारिश से सड़कें लबालब भर गयीं।
पुलिस अफसरों और ट्रैफिक जवानों ने आनन-फानन जुटकर पेड़ काटकर यातायात दुरुस्त कराया। फिर भी देर रात तक ट्रैफिक रेंगने को मजबूर रहा। शाम पांच बजे आंधी-बारिश से पूर्व ही घना अंधेरा छाने से वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ीं। देर रात तक सप्लाई शुरू न होने पर नेहरूनगर पावर हाउस पर लोग जमा थे।
करीब 92 घंटे/किलोमीटर की रफ्तार से आई आंधी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। लोनी में कमल विहार करावल नगर दिल्ली निवासी सविता (45) पत्नी फूलचंद पुत्र सोनू (25) के साथ बाइक से भतीजी की शादी में गढ़ जा रही थी।
लोनी बार्डर के पास आंधी में नगर पालिका परिषद बोर्ड उनके ऊपर गिर गया। इससे सविता की मौत हो गई, जबकि सोनू गंभीर रुप से घायल हो गया। उसे जीटीबी भेजा गया जहां से सेंट स्टीफन अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
वहीं, लक्ष्मी गार्डन कालोनी निवासी नासिर का मकान ढहने से उसकी पुत्री नेमन(13) एवं उसकी घायल बहन को जीटीबी में भर्ती कराया गया। जहां देर रात नेमन की मौत हो गई। प्रेम नगर कालोनी मेें शाकिर के मकान की छत पर पड़ोसी जमील की तीसरी मंजिल की दीवार और छत ढह गई।
मलबे में दबने के कारण शाकिर का पुत्र मन्नवर (5), इरफान (13), पुत्री शकीना(12), फुरकाना (10) तथा सास नूरजहां (60), साला शमीम आलम (25), साली आसमां (21), सन्नवर हुसैन (3) गंभीर रुप से घायल हो गए। उधर, प्रेमनगर कालोनी में शशी गर्ग का मकान ढह गया।
मलबे में दबने से किराएदार दिनेश (35) पत्नी कुमकुम (30), पुत्र देव (5) एवं मयंक (2) घायल हो गए। दिनेश की हालत गंभीर है। अमित विहार कालोनी में मुकेश की दीवार गिरने से पड़ोसी धनेश्वर के घर की छत ढह गई। इसमें धनेश्वर घायल हो गया।
मुरादनगर के गांव बंसतपुर सैंतली के सामने जूस की ठेली लगाने वाले रोहित पुत्र रामेश्वर निवासी कटरा बाजार गोंडा के ऊपर पेड़ गिरने से मौत हो गई। उधर, गाजियाबाद में अग्रसेन भवन के सामने होर्डिंग टेंपो पर गिर गया। विजयनगर बाइपास पर एक होटल के पास पेड़ कई वाहनों के ऊपर गिर पड़ा।
इससे वाहन पेड़ के नीचे दब गए। पुराना बस अड्डे के पास लगा ट्रैफिक सोलर सिस्टम पोल गिर गया। विजयनगर के राहुल विहार में दीवार गिरने से कई लोग घायल हो गए। वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी और इंदिरापुरम की सेंट्रल वर्ज और ग्रील बेल्ट में पेड़ गिर गए।
मेट्रो भी रुकी
आंधी-तूफान ने मेट्रो की रफ्तार रोक दी। पीक ऑवर में बिजली सप्लाई बाधित होने से एक घंटे से अधिक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। गुड़गांव से जहांगीरपुरी लाइन के सभी स्टेशन और नोएडा-द्वारका लाइन के कुछ स्टेशनों के गेट बंद करने पड़े।
डीएमआरसी के अनुसार, ट्रेन एक घंटे में चला दी गई लेकिन सेवाएं सामान्य होने में 7 से 7.30 बज गए। कई जगह टिकट काउंटर भी बंद करने पड़े।
आंधी से भागे डिब्बे
आंधी के चलते गाजियाबाद यार्ड में खड़े मालगाड़ी के चार डिब्बे कोटगांव फाटक की तरफ बढ़ गए। इससे दहशत फैल गई।