सिहानी गेट थाने के मालखाने से कीमती जेवरात और नगदी गायब हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। मालखाने से सोने की 3 चेन के अलावा वह नगदी गायब है, जोकि पिछले कई वर्षों के दौरान पुलिस ने जुआरियों और सट्टेबाजों से बरामद की थी।
गायब हुए इस माल की बाबत थाने के ही पूर्व मालखाना इंचार्ज रामपाल शर्मा पर शक है। वर्तमान मालखाना इंचार्ज रविंद्र सिंह परिहार ने पूर्व मालखाना इंचार्ज हेड मोहर्रिर रामपाल शर्मा के खिलाफ सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
14 जुलाई 2008 को गोविंदपुरम निवासी अनीता आर्य पत्नी राजेश से बाइक सवार दो बदमाश सोने की चेन लूट ले गए थे। इसी प्रकार 15 और 24 अगस्त 2008 को गोविंदपुरम निवासी इंद्राणी और दीनागढ़ी निवासी रानी से भी बाइक सवार बदमाशों द्वारा चेन स्नेचिंग की वारदात की गई थी।
तीनों ही मामलों की रिपोर्ट सिहानी गेट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद दो बदमाशों रविंद्र और चमन को गिरफ्तार करके उनके पास से सोने की 3 चेन बरामद की थीं। पिछले दिनों कोर्ट ने इनमें से एक मामले में चेन रिलीज करने का आदेश पुलिस को दिया।
थाने के मालखाने में चेन तलाशी गई तो पुलिस अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। मालखाने में न तो कोई चेन थी और न ही कोई नगदी। मालखाना इंचार्ज रविंद्र सिंह परिहार से पूछताछ हुई तो उसका कहना था कि पूर्व मालखाना इंचार्ज रामपाल शर्मा ने उसे जेवरात और नगदी कभी सुपुर्द ही नहीं की।
यह रकम कितनी है, इसकी भी ठीक-ठीक जानकारी नहीं है। सिहानी गेट थाने के एसएसआई सीपी चतुर्वेदी को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।