खंड के गांव में सामूहिक दुष्कम व हत्या की घटना के बाद से मातम पसरा है। पीड़ित परिवार व मुस्लिम समाज के लोगों ने मंगलवार को बकरीद का पर्व नहीं मनाया।
ग्रामीणों ने इस मौके पर न तो पकवान ही बनाए और न ही नए कपड़े पहने। हालांकि, समाज के लोगों ने ईद पर पढ़ी जाने वाली नमाज जरूर पढ़ी।
गौरतलब है कि गांव में गत 24-25 अगस्त की रात खेत में सो रहे एक परिवार के सदस्यों पर हमला कर एक दंपति की हत्या व दो युवतियों के साथ सामूहिक गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया।
गांव में फीका रहा ईद का उत्साह
गैंगरेप
- फोटो : अमर उजाला
इस वारदात में एक दंपति व उसके बच्चों को भी घायल कर दिया गया था। उसी समय से गांव में मातम पसरा है। शौक के चलते मंगलवार को बकरीद के पर्व को लेकर जहां क्षेत्र में ईद का उत्साह फीका नजर आया।
वहीं पीड़ित परिवार के गांव में समाज के लोगों व पीड़ित परिवार के छोटे बड़ों न ईद पर्व नहीं मनाया। ग्रामीण आरिफ, इसलाम, यूनुस, खुर्शीद, नियामत ने बताया की गत 24 अगस्त को हुई घटना के शौक के चलते मंगलवार को गांव में बकरीद पर्व की खुशियां नहीं मनाई गईं।
उन्होंने कहा की वारदात की वजह से गांव में अभी भी मातम पसरा है। पीड़ित परिवार अभी भी सदमे में हैं। ग्रामवासी अपनी सुरक्षा को लेकर अभी भी डरे व सहमे हैं।