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'शराब बुकिंग एप में होम डिलीवरी नहीं': डीएसआईआईडीसी की स्टेटस रिपोर्ट जारी, आप के विरोध पर भाजपा का पलटवार

Wed, 28 Oct 2026 08:22 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

डीएसआईआईडीसी ने ऑनलाइन शराब बुकिंग एप पर स्टेटस रिपोर्ट जारी की है तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 24 घंटे के भीतर नीति वापस लेने का अल्टीमेटम दिया।
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ऑनलाइन शराब बुकिंग एप पर स्टेटस रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) ने ऑनलाइन शराब बुकिंग एप पर एक स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। इस नोट में एप्लिकेशन के विकास और उसके संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। यह एप्लिकेशन उपभोक्ताओं को शराब की उपलब्धता जांचने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने की सुविधा देगा। 

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क्या घर बैठे मिलेगी शराब?
एप्लिकेशन के विकास को डीएसआईआईडीसी प्रबंधन ने 13 दिसंबर, 2024 को मंजूरी दी थी। उस समय आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में थी। इसके बाद, 2 जनवरी, 2025 को कार्य आदेश जारी किया गया था। आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए, प्लेटफॉर्म-तटस्थ क्यूआर आधारित माइक्रोसाइट तक पहुंच 6 सितंबर, 2026 को शुरू की गई थी। इस एप्लिकेशन में केवल इंटरनेट पर भंडार जांचने और पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल माध्यम से बुकिंग व भुगतान करने की सुविधा है। इसमें घर पर आपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है। शराब का संग्रह ग्राहक को संबंधित दुकान से ही करना होता है। यह संग्रह ओटीपी की पुष्टि और सत्यापन के बाद ही संभव है।

घर बैठे शराब बुकिंग की पॉलिसी पर ‘आप’ का विरोध
दिल्ली में घर बैठे शराब बुक करने की सुविधा शुरू करने की प्रस्तावित नीति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने सरकार को 24 घंटे के भीतर नीति वापस लेने का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार को शराब कारोबारियों और शराब पीने वालों की सुविधा की चिंता है, लेकिन अस्पतालों में दवाइयों, बच्चों की किताबों और मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की फिक्र नहीं है।
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पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में भाजपा की पॉलिसी है कि हर-हर रेखा, घर-घर ठेका। उन्होंने इस प्रस्तावित सुविधा को करवा चौथ से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा। भारद्वाज ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने की चिंता है कि शराब खरीदने वालों को लाइन में न लगना पड़े, जबकि अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि यदि 24 घंटे में नीति वापस नहीं ली गई तो आप बड़ा आंदोलन करेगी और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का इस्तीफा मांगेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से नीति वापस लेने और दिल्ली की महिलाओं से माफी मांगने की भी मांग की।

आप नेता ने महिलाओं के मुफ्त बस सफर के लिए पिंक कार्ड बनवाने, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका और प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों में लगने वाली कतारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय शराब की उपलब्धता आसान बनाने में जुटी है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार घर बैठे शराब मंगाने के लिए ‘लिकर एप्प’ शुरू करने जा रही है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शराब की दुकानों की संख्या और आप सरकार द्वारा प्रति वार्ड दुकानों की सीमा तय करने का हवाला देते हुए भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। वहीं, एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशामुक्त भारत के आह्वान और दिल्ली में शराब की उपलब्धता आसान बनाने की कथित योजना के बीच विरोधाभास का सवाल उठाया।

शराब बुकिंग एप्प को लेकर भाजपा का आप पर पलटवार
दिल्ली में शराब की ऑनलाइन बुकिंग एप्प को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर पलटवार किया है। दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आप के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस शराब बुकिंग एप्प का आप विरोध कर रही है, उसे पिछली आप सरकार ने ही शुरू किया था। उन्होंने दावा किया कि 13 दिसंबर 2024 को एप्प लाई गई थी और दो जनवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे लागू किया था।

पिछली सरकार ने ही शुरू की थी योजना : कपूर
कपूर ने कहा कि एप्प का विरोध करके सौरभ भारद्वाज खुद को हास्य का पात्र बना रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, भाजपा सरकार ने इस एप्प का न तो प्रचार किया और न ही इसे प्रोत्साहित किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने एप्प के दायरे को 208 दुकानों से आगे नहीं बढ़ने दिया। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि करीब दो साल में इस एप्प के माध्यम से केवल 41 लाख रुपये की शराब बुक की गई। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा एप्प को प्रोत्साहित नहीं किए जाने का प्रमाण है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संभव है कि एप्प की जानकारी रखने वाले आप नेताओं ने ही इसके माध्यम से शराब बुक कराई हो।

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